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कुल्लू-बद्दी में भी खुलेंगे महिला थाने
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Thu, 14 Jan 2016 02:02 PM IST
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अपराध कम करने के लिए कोशिशों में जुटी हिमाचल पुलिस ने साल 2016 के लिए अपने लक्ष्य तय कर लिए हैं। महिला अपराधों के प्रति सख्त रुख अख्तियार करने के लिए कटिबद्घता जताते हुए इस साल कुल्लू और बद्दी में भी दो महिला थाने स्थापित करने की तैयारी है।
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इसके साथ ही प्रदेश में महिला थानों की संख्या बढ़क पांच हो जाएगी। वहीं, प्रदेश को नशामुक्त करने और नशे के कारोबारियों पर अंकुश लगाने के लिए हिमाचल पुलिस नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के साथ काम करेगी। साथ ही सड़क हादसों में कमी और ट्रैफिक जाम की समस्या से लोगों को निजात दिलाने पर भी फोकस रहेगा।
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हिमाचल प्रदेश के डीजीपी संजय कुमार ने बताया कि इस साल हिमाचल को नशा मुक्त करने के लिए हर संभव प्रयास करना हिमाचल पुलिस की प्राथमिकता रहेगी। इसके लिए हिमाचल पुलिस नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के साथ तालमेल कर नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने का प्रयास करेगी।
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इसके अलावा प्रतिबंधित दवाओं के कारोबार पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि पठानकोट हमले के बाद पठानकोट से सटे हिमाचल के बार्डर एरिया में हिमाचल पुलिस ने केंद्रीय व पंजाब पुलिस के साथ तालमेल बैठाकर बेहतर तरीके से सर्च आपरेशन चलाया।
हालांकि इस हमले के बाद अब हिमाचल पुलिस जम्मू कश्मीर, पंजाब, हरियाणा और उत्तराखंड के बार्डरों पर अपनी इंटेलिजेंस नेटवर्क को और मजबूत करेगी। डीजीपी ने कहा कि पूरे देश में जब महिलाओं से अपराध के मामले बढ़ रहे हैं। तब हिमाचल पुलिस पर महिला अपराधों पर अंकुश लगाने के अपने बेहतरीन ट्रैक रिकार्ड को और अच्छा करने की जिम्मेदारी भी रहेगी।
डीजीपी ने बताया कि विभिन्न पॉजिटिव गतिविधियों की वजह से ही प्रदेश में क्राइम का ग्राफ साल 2014 की अपेक्षा साल 2015 में काफी गिरा है। चाहे हत्या और हत्या का प्रयास जैसे गंभीर अपराध हो या फिर लूट डकैती या फिर महिलाओं के साथ अपराध में कमी आई है।
डीजीपी ने बताया कि मलाना में नशे की खेती के लिए राजस्व व वन विभाग के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। फिलहाल वहां होने वाली खेती की सैटेलाइट मैपिंग की जा रही है। जिसके बाद इस खेती को करने वालों से भी सख्ती से निपटा जाएगा।