भाजपा प्रत्याशियों के चयन पर पार्टी हाइकमान ने लिया ये फैसला, गतिरोध तोड़ने के लिए इनको सौंपी कमान
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केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक के 24 घंटे बाद भी पार्टी हाइकमान हिमाचल विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा प्रत्याशियों का चयन नहीं कर पाया है।
दरअसल हिमाचल विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा प्रत्याशियों के चयन में पेच फंस गया है। इसके साथ प्रदेश में नेतृत्व को लेकर भी दिल्ली में खींचतान शुरू हो गई है। सूबे की कई सीटों पर प्रत्याशी चयन को लेकर बड़े नेताओं में सहमति नहीं बन पा रही है।
धूमल और नड्डा कैंप में अंदरूनी गतिरोध इसके आड़े आ गया है। यही कारण है कि प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी में केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक के 24 घंटे बाद भी भाजपा प्रत्याशियों की सूची जारी नहीं कर सकी है।
इसी बीच, पार्टी ने धूमल और नड्डा कैंप में गतिरोध तोड़ने और टिकटों पर सहमति बनाने का जिम्मा संगठन मंत्री रामलाल को सौंप दिया है। रविवार को दिनभर रामलाल से प्रदेश नेताओं की बैठकों का दौर चलता रहा, लेकिन शाम तक कई सीटों पर प्रत्याशियों को लेकर सहमति नहीं बन पाई।
सीएम का चेहरा घोषित को लेकर पार्टी की ये राय
अब सोमवार को प्रत्याशियों की सूची जारी हो सकती है। उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार प्रत्याशी चयन के बीच भाजपा के मुख्यमंत्री पद को लेकर मामला फंस गया है। एक खेमा चेहरा घोषित करने की पैरवी कर रहा है।
धूमल की शनिवार को अमित शाह और पीएम मोदी के साथ हुई बैठक को भी इससे जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, केंद्रीय नेतृत्व ने स्पष्ट कर दिया है कि इस समय मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित नहीं होगा। पार्टी किसी एक नेता को आगे रख नहीं, बल्कि पीएम मोदी के नाम पर चुनाव लड़ेगी।
नतीजे आने के बाद सीएम पद पर फैसला होगा। उधर, केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक के बाद शनिवार देर रात ही राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह गुजरात दौरे पर निकल गए हैं। मोदी सोमवार को गुजरात जाएंगे। शाह को राष्ट्रीय महामंत्री फोन पर ही प्रत्याशी चयन पर अपडेट दे रहे हैं। प्रत्याशियों पर उनके अनुमोदन के बाद ही फैसला होगा।
इतनी सीटों पर बन गई सहमति
केंद्रीय चुनाव समिति 68 विधानसभाओं सीटों पर प्रदेश चयन समिति के पैनल से सहमत नहीं है। आंतरिक सर्वेक्षण रिपोर्ट और प्रदेश नेतृत्व की ओर से जिन प्रत्याशियों की पैरोकारी हो रही है, उस पर पेच है। सीईसी के निर्देश पर रविवार को कई सीटों पर नए सिरे से पैनल तय करने की प्रक्रिया चली।
इसके बाद लगभग 50 के करीब सीटों पर संभावित प्रत्याशियों को तय कर लिया गया। शेष बची सीटों पर आम सहमति नहीं बनी है। कांगड़ा में आधा दर्जन सीटों पर सहमति नहीं बन रही है। पालमपुर, धर्मशाला, इंदौरा, ज्वालाजी सीट पर विवाद है।
इसके अलावा कुल्लू, सुंदरनगर, जोगिंद्रनगर, मंडी सदर, चंबा, पांवटा साहिब, कसौली जैसी सीटों पर भी मतभेद हैं। प्रत्याशी सूची में देरी पर प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सत्ती ने बताया कि सभी सीटों पर मंथन कर लिया है। सोमवार तक पूरी स्थिति साफ हो जाएगी।
कांग्रेसियों पर वेट एंड वॉच
मंडी से कांग्रेस नेता अनिल शर्मा की भाजपा में एंट्री के बाद अब कुछ और कांग्रेसियों के आने की संभावना है। भाजपा नेतृत्व के कुछ कांग्रेस विधायकों के संपर्क में होने की बात आ रही है। प्रदेश के कुछ नेता कांग्रेस से होने वाली एंट्री से सहमत नहीं हैं।
एक बड़े चेहरे को लेकर प्रदेश नेतृत्व ने अपना विरोध भी दर्ज करवाया है। ऐसे में कांग्रेस से आने वालों के नाम फाइनल नहीं होने से ऐसी सीटों पर निर्णय लंबित रखा जा रहा है। हालांकि, सोमवार से नामांकन शुरू होने से बागियों पर जल्द निर्णय का दबाव है।