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Shimla News: डीडीयू अस्पताल में शुगर, लिवर किडनी और हृदय रोग के टेस्ट बंद
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शहर समेत आसपास के इलाकों से उपचार करवाने आ रहे मरीज हो रहे परेशान
क्राॅसर
मरीजों को बाजारों में महंगी दरों पर करवाने पड़ रहे टेस्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल (डीडीयू) की लैब में मशीन खराब होने से टेस्ट बंद हो गए हैं। मशीन खराब होने के कारण अस्पताल में शुगर, किडनी, लिवर और हार्ट के टेस्ट नहीं हो रहे। ऐसे में मरीजों को मजबूरन निजी लैबों में यह टेस्ट महंगी दरों पर करवाने पड़ रहे हैं। डीडीयू अस्पताल में रोजाना औसतन 800 से 900 मरीजों की ओपीडी होती है। इनमें मेडिसिन, ऑर्थो, सर्जरी, गायनी, आंखों की ओपीडी में अधिकांश मरीज उपचार करवाने के लिए आते हैं। अस्पताल में रोजाना 50 से अधिक मरीजों के टेस्ट होते हैं लेकिन अस्पताल प्रबंधन अभी तक मशीन को ठीक नहीं करवा पाया है।
मरीजों के तीमारदार वीरवार को भी इस कारण अस्पताल में परेशान रहे। तीमारदार दीपेंद्र, कलावती और धीरेंद्र ने बताया कि उन्हें यह टेस्ट अब निजी लैबों में करवाने को मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि सभी टेस्ट करवाने में करीब सात से आठ सौ रुपये खर्चा आया।
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मरीजों को बाजारों में महंगी दरों पर करवाने पड़ रहे टेस्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल (डीडीयू) की लैब में मशीन खराब होने से टेस्ट बंद हो गए हैं। मशीन खराब होने के कारण अस्पताल में शुगर, किडनी, लिवर और हार्ट के टेस्ट नहीं हो रहे। ऐसे में मरीजों को मजबूरन निजी लैबों में यह टेस्ट महंगी दरों पर करवाने पड़ रहे हैं। डीडीयू अस्पताल में रोजाना औसतन 800 से 900 मरीजों की ओपीडी होती है। इनमें मेडिसिन, ऑर्थो, सर्जरी, गायनी, आंखों की ओपीडी में अधिकांश मरीज उपचार करवाने के लिए आते हैं। अस्पताल में रोजाना 50 से अधिक मरीजों के टेस्ट होते हैं लेकिन अस्पताल प्रबंधन अभी तक मशीन को ठीक नहीं करवा पाया है।
मरीजों के तीमारदार वीरवार को भी इस कारण अस्पताल में परेशान रहे। तीमारदार दीपेंद्र, कलावती और धीरेंद्र ने बताया कि उन्हें यह टेस्ट अब निजी लैबों में करवाने को मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि सभी टेस्ट करवाने में करीब सात से आठ सौ रुपये खर्चा आया।
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