अमर उजाला में खबर छपी तो DC को लेना पड़ा संज्ञान, वाहनों से हटाए पदनाम के बोर्ड
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हमीरपुर में जिला प्रशासनिक अधिकारियों समेत अन्य सरकारी वाहनों से पदनाम के लगाए बोर्ड हटा दिए गए हैं। केंद्र सरकार के वीपीआई कल्चर को खत्म करने के लिए जारी आदेशों पर जिला की मुखिया ने अमलीजामा पहना दिया है। नियमों की अवहेलना पर उपायुक्त हमीरपुर डॉ. रिचा वर्मा ने सख्ती दिखाई है।
DC, ADC, SDM से नहीं छूट रहा वीवीआईपी कल्चर का मोह, खुद ही देख लें क्या किया
मामला ध्यान में आने के 24 घंटे के भीतर सरकारी वाहनों से यह अवांछित बोर्ड एवं फट्टे हटा दिए। अमर उजाला ने अपने 12 जून के अंक में सरकारी वाहनों में लगे पदनाम के फट्टों के मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
खबर छपने के बाद उपायुक्त हमीरपुर ने कड़ा संज्ञान लिया और सभी विभागों के अधिकारियों को अपने-अपने वाहनों से लगाए गए बोर्ड को हटाने के निर्देश जारी किए। केंद्र सरकार ने करीब दो वर्ष पहले प्रशासनिक अधिकारियों और सभी मंत्रियों व सांसदों की गाड़ियों से नीली व लाल बत्ती को हटाने के आदेश जारी किए थे।
आदेशों के तहत कहा गया था कि केवल मुख्य न्यायाधीश और राष्ट्रपति को ही वीवीआईपी श्रेणी में रखते हुए बत्ती लगाने की अनुमति होगी।
उपायुक्त के आदेशों के बाद हुई कार्रवाई
इसके अलावा सभी जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी बत्ती का मोह छोड़ जनसेवक के तौर पर समाज की प्रगति व विकास के लिए कार्य करें। इन आदेशों के बाद सूबे में सभी प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने वीपीआईपी कल्चर का त्याग किया।
लेकिन हमीरपुर में प्रशासनिक अधिकारियों ने नीली बत्ती तो उतार ली, लेकिन गाड़ियों के आगे डीसी, एडीसी, एसडीएम और आरटीओ के फट्टे टांग दिए। प्रशासनिक अधिकारियों की देखादेखी में जिन अधिकारियों को नीली व लाल बत्ती तक की अनुमति नहीं थी उन्होंने भी सरकारी वाहनों के आगे नंबर प्लेट के साथ तहसीलदार, सीएमओ, एनजीओ प्रधान समेत अन्य बोर्ड लगा लिए।
बुधवार को उपायुक्त के आदेशों के बाद सरकारी वाहनों से यह बोर्ड हटा दिए गए। दि उपभोक्ता संरक्षण संगठन के अध्यक्ष सुशील शर्मा, स्थानीय लोगों जसवीर कुमार, राजेश कुमार, विवेक पठानिया और प्रीतम चंद ने इस कार्रवाई पर खुशी जताई है।