हिमाचल : चीनी के साथ प्याज, तेल और दालें भी महंगी, बिगड़ा रसोई का बजट; जानें क्या बोले ग्राहक और दुकानदार
हमीरपुर जिले में खाद्य वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी से रसोई का बजट बिगड़ गया है। प्याज के दाम 40 से बढ़कर 60 रुपये प्रति किलो हो गए हैं। चीनी में करीब 15 रुपये, दालों और खाद्य तेल में करीब 10 रुपये की वृद्धि बताई गई है। ड्राई फ्रूट भी 100 से 200 रुपये प्रति किलो तक महंगे हुए हैं। लोगों के अनुसार महंगाई से परिवारों पर हर महीने अतिरिक्त बोझ बढ़ रहा है।
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चीनी के दाम बढ़ने के साथ जिले में तेल, दाल और प्याज की कीमतों में भी इजाफा हुआ है। सबसे अधिक बढ़ोतरी प्याज के दाम में हुई है। प्याज 40 से बढ़कर 60 रुपये प्रति किलो हो गया है। 20 रुपये प्रति किलो की इस बढ़ोतरी से गृहिणियों का रसोई बजट प्रभावित हुआ है। तेल और दालों के दाम में भी करीब 10 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। चीनी महंगी होने से चाय सहित अन्य घरेलू जरूरतों पर अतिरिक्त खर्च बढ़ गया है। वहीं, ड्राई फ्रूट के दाम बढ़ने से इनकी खरीदारी भी महंगी हो गई है।
गृहिणियों के अनुसार खाद्य वस्तुओं की बढ़ती कीमतों के कारण सीमित आय में घर का खर्च संभालना मुश्किल हो रहा है। खासकर मध्यमवर्गीय और दिहाड़ीदार परिवारों पर इसका अधिक असर पड़ रहा है। लोगों के मुताबिक महंगाई के चलते परिवारों पर हर माह करीब एक से दो हजार रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। खर्च सीमित करने के लिए अब कई परिवार जरूरत के मुताबिक ही खाद्य सामग्री खरीद रहे हैं।
चीनी और अन्य सामान के दामों में वृद्धि होने से रसोई के बजट पर प्रभाव पड़ा है। इससे एक हजार रुपये का पर्क पड़ा है। प्याज, दालों और तेल के दामों में वृद्धि हुई है। सामान्य वर्ग को अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। -पुष्पा देवी, ग्राहक
चीनी, दाल, तेल के अलावा ड्राई फ्रूट के दामों में भी वृद्धि हुई है। चीनी में 15 रुपये, दालों में दस रुपये तथा ड्राई फ्रूट में 100 से 200 रुपये प्रति किलो की वृद्धि हुई है। तेल में दस रुपये प्रति लीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। -विधि चंद, दुकानदार हमीरपुर
चीनी के दाम बढ़ने से मिठाइयों के बनाने में लागत बढ़ी है। अगर दाम कम नहीं होते हैं तो हमें भी अपने दाम बढ़ाने पड़ेंगे। अभी हम पुराने ही दामों पर मिठाइयां बेच रहे हैं। -सुरजीत सिंह, दुकानदार हमीरपुर
चीनी तथा प्याज के दाम अचानक बढ़ जाने से रसोई के बजट पर गहरा प्रभाव पड़ा है। प्याज के दाम में अचानक 20 रुपये की वृद्धि हुई है। अभी दाम में और बढ़ने की आशंका है। इससे गृहिणियों को रसोई संभालना मुश्किल हो जाएगा। - अनीता देवी, ग्राहक
त्योहारों की तैयारी के बीच महंगाई ने रसोई पर एक और वार किया है। कांगड़ा जिले में सोमवार को खाद्य तेल और प्याज के दामों में 10 से 20 रुपये तक का उछाल आया। जिला मुख्यालय धर्मशाला में रविवार तक 200 रुपये में बिकने वाली एक लीटर तेल की बोतल सोमवार को 210 रुपये में पहुंच गई, जबकि प्याज के दाम 40 से बढ़कर 60 रुपये किलो तक हो गए। रिफाइंड तेल भी 135 से बढ़कर 140 रुपये प्रति लीटर हो गया है। चीनी पहले ही 70 रुपये किलो बिक रही है। ऐसे में त्योहारों पर पकवान और मिठाइयां बनाना भी आम परिवारों के लिए महंगा पड़ने वाला है। रोजमर्रा की जरूरतों के सामान के बढ़ते दामों के बीच त्योहारी खर्च ने घरेलू बजट पर अतिरिक्त दबाव बढ़ा दिया है।
सरकार जल्द हस्तक्षेप करे
अचानक बढ़े दामों से रसोई का मासिक बजट प्रभावित होने लगा है। सरकार को जल्द दामों में हस्तक्षेप कर लोगों को राहत देनी चाहिए। - राकेश शर्मा, कारोबारी
तेल की कीमत में ब्रांड और गुणवत्ता के आधार पर करीब 10 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा चीनी भी 70 रुपये किलो बिक रही है। -रमेश, कारोबारी
लगातार बढ़ रही महंगाई ने महिलाओं की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। ऐसे में भविष्य में परिवार की आर्थिकी पर पड़ने वाले बोझ की चिंता सताने लगी है। - सुमन देवी, गृहिणी
निजी नौकरी करती हूं लेकिन वेतन में कोई वृद्धि नहीं हो रही है। इसके बावजूद महंगाई लगातार बढ़ रही है। प्याज भी 15 रुपये महंगा हो गया है। -तमन्ना, गृहिणी
सोमवार से दामों में 10 से 20 रुपये का उछाल देखा गया है। लगातार बढ़ रही महंगाई ने गृहिणियों की कमर तोड़ दी है। पहले 500 रुपये में परिवार की एक सप्ताह की सब्जी आ जाती थी लेकिन अब मुश्किल से तीन से चार दिन का सामान आता है। - सरिता पठानिया, गृहिणी
दामों में हो रहे बदलाव के चलते कारोबारियों की ओर से जमाखोरी और मुनाफाखोरी की शिकायत मिलने पर आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत कार्रवाई की जाएगी। अधिनियम के तहत विभिन्न सजाओं का प्रावधान है। -पुरुषोत्तम सिंह, जिला नियंत्रक, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग कांगड़ा
जुर्माना और जेल का है प्रावधान
कानून विशेषज्ञों के अनुसार आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत जमाखोरी और मुनाफाखोरी करने पर विभिन्न प्रावधान हैं। यदि कोई कारोबारी ऐसा करता पाया जाता है तो उस पर जुर्माना लगाया जा सकता है। एफआईआर दर्ज करने के साथ वस्तुएं जब्त भी की जा सकती हैं। नियमों के उल्लंघन के आरोप न्यायालय में साबित होने पर जेल का भी प्रावधान है।