केंद्र सरकार ने वीवीआईपी प्रथा खत्म करने के लिए सरकारी वाहनों से नीली और लाल बत्तियां क्या हटाईं, अधिकारियों ने गाड़ियों पर ही अपने पदनाम लिखवाना शुरू कर दिया। हिमाचल प्रदेश के जिला हमीरपुर में प्रशासनिक अधिकारियों की गाड़ियां मोटर वाहन नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ा रही हैं।
नियमों के मुताबिक गाड़ी पर रजिस्ट्रेशन नंबर के अलावा कुछ भी नहीं लिखा जा सकता। जबकि, हमीरपुर में अधिकारियों पर इन नियमों का असर दिखता नजर नहीं आ रहा। हमीरपुर में डीसी, एडीसी, एसडीएम, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) ने सरकारी वाहनों से नीली बत्तियां तो उतार ली हैं लेकिन अब भी वीवीआईपी कल्चर का मोह नहीं छूट पा रहा।
बत्तियां हटाने के बाद अब इन अधिकारियों ने अपने वाहनों पर लगी नंबर प्लेट के साथ अपने पदनाम लिखवा लिए हैं। प्रशासनिक अधिकारियों की देखादेखी में जिले के अन्य अधिकारियों ने भी नंबर प्लेट के साथ अपने पदनाम लिखवाना शुरू कर दिया है। इसमें सीएमओ, हमीरपुर के तहसीलदार समेत अन्य अधिकारी शामिल हैं।
प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा अन्य अधिकारियों को तो पहले भी कोई नीली या लाल बत्ती लगाने की इजाजत नहीं थी लेकिन जिले के प्रशासनिक अधिकारियों को देख इन्होंने भी नियमों की परवाह किए बगैर अपने पदनाम के फट्टे गाड़ियों पर चस्पा कर लिए। हालांकि, जिला पुलिस अधीक्षक नियमों की पूरी तरह पालना की है।
शहरवासियों नरेश वर्मा, सुधीर कुमार, विपिन शर्मा और अशोक ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार ने बीते वर्ष देशभर में वीवीआईपी कल्चर खत्म करते हुए राष्ट्रपति और मुख्य न्यायाधीश के अलावा अन्य सभी अधिकारियों के वाहनों से नीली और लाल बत्ती हटाने के आदेश दिए थे।