धर्मशाला: दो एकड़ भूमि पर सीयू बनाएगा इसरो की टेलीस्कोप यूनिट, शोध को मिलेगी दिशा
चिह्नित जमीन के अधिग्रहण को लेकर भी औपचारिकताएं अंतिम चरण में हैं। इस प्रोजेक्ट पर करीब 40 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
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केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश दो एकड़ भूमि पर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) टेलीस्कोप यूनिट स्थापित करेगा। इसके लिए धर्मशाला के साथ लगते क्षेत्र में जगह चिह्नित कर ली गई है। चिह्नित जमीन के अधिग्रहण को लेकर भी औपचारिकताएं अंतिम चरण में हैं। इस प्रोजेक्ट पर करीब 40 करोड़ रुपये की लागत आएगी। नवंबर 2023 में इसरो हैदराबाद और हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में वायुमंडलीय तड़ित संसूचन प्रणाली का उद्घाटन किया गया था, साथ ही निर्णय लिया गया कि कुछ इस तरह के सिस्टम हिमालय रेंज में इंस्टॉल किए जाएंगे, जिसमें एटमॉस्फेरिक लाइटनिंग डिटेक्शन सिस्टम इंस्टॉल किया जाएगा।
यहां पर स्थापित प्रोजेक्ट से पूरे विश्व स्तर का डाटा इकट्ठा किया जाएगा। करीब 40 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस प्रोजेक्ट से केंद्रीय विश्वविद्यालय में भौतिकी और खगोल विज्ञान विभाग में अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा। इसके लिए एक मीटर टेलीस्कोप स्थापित करने के लिए साइट का निर्धारण किया जा रहा है, जिसमें 2000 मीटर की ऊंचाई और अन्य मानदंडों के अनुसार उपयुक्त स्थान चुने जाएंगे। टेलीस्कोप की स्थापना के अलावा यह एस्ट्रो-टूरिज्म को भी बढ़ावा देगा। इस प्रोजेक्ट के लिए जमीन के चिन्हित कर लिया गया है तथा जमीन अधिग्रहण को लेकर निर्धारित फीस भी जमा हो चुकी है, जबकि अब जल्द ही यह प्रोजेक्ट शुरू हो सकेगा।
देहरा में अगले वर्ष से शुरू होंगी कक्षाएं
केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश के देहरा में बन रहे कैंपस में अगले वर्ष जनवरी में कक्षाएं शुरू की जाएंगी। बताया जा रहा है कि देहरा कैंपस में तीन से चार ब्लाॅकों का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि अन्य ब्लॉकों का कार्य प्रगति पर है। उम्मीद जताई जा रही थी कि जुलाई में शुरू होने वाली सीयू के शैक्षणिक सत्र की कक्षाएं देहरा में बन रहे नए कैंपस में शुरू हो जाएंगी, लेकिन अधूरे कैंपस कार्य के चलते अब यह कक्षाएं जनवरी में ही शुरू हो सकेंगी।
इसरो की ओर से स्थापित किए जाने वाले प्रोजेक्ट के लिए दो एकड़ भूमि चिह्नित कर ली गई है। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी शुरू हाे गई है। इस प्रोजेक्ट पर 40 करोड़ रुपये का बजट खर्च किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के लिए इसरो के साथ वर्ष 2023 में एमओयू साइन हुआ था, जिसके तहत अब यह प्रोेजेक्ट शुरू होगा।- प्रो. सत प्रकाश बंसल, वाइस चांसलर, केंद्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला