क्रिप्टोकरेंसी ठगी मामला: एजेंट बने शिक्षक, वन अफसर, मेडल प्राप्त पुलिस कर्मियों के घर पर छापे
क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े अहम दस्तावेज कब्जे में लिए गए। हैरानी की बात यह है कि ठगी के इस खेल में वन विभाग के अधिकारी, कई शिक्षक और मेडल विजेता पुलिस कर्मी भी शामिल हैं, जिन्होंने लोगों का पैसा दोगुना करने का झांसा देकर क्रिप्टोकरेंसी में लगवाया।
विस्तार
क्रिप्टोकरेंसी के मामले में एसआईटी की टीम ने जिला पुलिस के सहयोग से ऊना शहर से सटी रक्कड़ कालोनी और गगरेट के ओयल में दबिश दी। इस दौरान दो आरोपियों के घरों की तलाशी ली गई और मोबाइल फोन, लैपटॉप, कंप्यूटर, बैंक डिटेल संबंधित दस्तावेज जब्त कर लिए गए। इस मामले में आरोपियों में एक जेबीटी अध्यापक भी शामिल है। आरोप है कि पैसा दोगुना करने का झांसा देकर उसने लोगों को करोड़ों रुपये को चपत लगाई है।
इसके साथ ही जिला के एक अन्य आरोपी को एसआईटी ने गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा कि गिरफ्तार किए आरोपी के खिलाफ पहले से जांच चल रही थी और पुख्ता सबूत मिलने के बाद उसे गिरफ्तार लिया गया। जानकारी के अनुसार एसआईटी की टीम से रविवार सुबह क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े धोखाधड़ी के आरोपियों की तलाश में उनके घरों पर छापा मारा। जिन आरोपियों के खिलाफ यह कार्रवाई हुई, उनके खिलाफ बीते दिनों एसआईटी के पास शिकायत गई है। इसके तहत रक्कड़ कालोनी के वायुसेना से सेवानिवृत्त एवं वर्तमान में जेबीटी अध्यापक के घर में तलाशी अभियान चलाकर मोबाइल फोन, लैपटॉप, कंप्यूटर के अलावा बैंक डिटेल को जब्त कर लिया गया।
इस दौरान आरोपी से भी पूछताछ की गई। वहीं एसआईटी ने गगरेट के ओयल में भी एक शारीरिक शिक्षक के ठिकाने पर जांच पड़ताल की। बताया जा रहा कि जांच के दौरान एसआईटी के हाथ अहम सबूत लगे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में और आरोपियों की गिरफ्तारी हो सकती हैं। गौर रहे कि बीते दिनों गगरेट निवासी एक व्यक्ति ने ओयल व मवां सिंधिया क्षेत्र के दो लोगों पर क्रिप्टोकरेंसी के नाम पर ठगी करने के आरोप लगाए थे। शिकायतकर्ता ने अपना एक वीडियो जारी कर पुलिस के पास शिकायतपत्र भी सौंपा था।
ऊना में दो स्थानों पर छापा मारा। इसमें कुछ अहम सबूत हाथ लगे हैं। एक आरोपी को गिरफ्तार भी किया गया है। एसआईटी की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। हाथ लगे दस्तावेजों की जांच के बाद कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाएगा।-अभिषेक दुल्लर, डीआईजी नॉर्थ रेंज एवं एसआईटी प्रमुख।
महिला कांस्टेबल के घर पर भी एसआईटी ने की जांच
क्रिप्टोकरेंसी मामले में कई पुलिस मेडल पाने वाले भी कथित एजेंट की भूमिका में पाए गए हैं। एसआईटी (पुलिस के विशेष जांच दल) ने रविवार को जिला हमीरपुर में इस मामले में संलिप्त 25 एजेंटों के ठिकानों पर दबिश दी। पुलिस ने ठगी के मामले में संदिग्ध पाए गए इन लोगों से मोबाइल फोन, लैपटॉप, कंप्यूटर, बैंक डिटेल समेत अन्य संपत्तियों का रिकॉर्ड अपने कब्जे में लिया है। इनमें हमीरपुर के कुछ पुलिस जवान भी निशाने पर हैं, जो अब पदोन्नत होकर अन्य जिलों में सेवाएं दे रहे हैं। एक पुलिस जवान तो इस मोटी कमाई के चक्कर में पुलिस विभाग की नौकरी छोड़ चुका है। उसे बीते माह चंडीगढ़ पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। हमीरपुर में पुलिस विभाग के विशेष विंग में सेवारत रहे पुलिस जवान और महिला कांस्टेबल के घरों पर भी एसआईटी ने जांच की है। इन मामलों में कुछ ऐसे पुलिस जवान भी शामिल हैं, जिन्हें विभाग में उत्कृष्ट सेवाओं के लिए मेडल से सम्मानित किया जा चुका है।
वन विभाग के एक अफसर, दो कर्मचारियों के घर से संपत्ति के दस्तावेज और हार्ड डिस्क जब्त
क्रिप्टोकरेंसी ठगी मामले में जिले के चार स्थानों पर पुलिस ने एक साथ दबिश दी। पुलिस की विशेष टीमों ने संपत्ति के दस्तावेज, हार्ड डिस्क सहित कई इलेक्ट्रॉनिक गैजट जब्त किए हैं। जिनके घरों में छापे मारे गए, उनमें वन विभाग के तीन कर्मचारी, एक अधिकारी और एक अन्य शामिल है। जानकारी के अनुसार क्रिप्टोकरेंसी मामले की जांच कर रही एसआईटी ने जिला पुलिस को इन लोगों की सूचना देकर उनके ठिकानों पर छापे मारने को कहा था। इस पर एसपी कार्यालय से चार टीमों का गठन किया गया। टीमों ने रविवार सुबह 7:30 बजे एक साथ उपमंडल झंडूता के कुलज्यार और संडयार, उपमंडल सदर के तरामड़ी और पंजगाई स्थित ठिकानों पर दबिश दी। इस दौरान कुलज्यार स्थित एक घर से संपत्ति के दस्तावेजों की जांच कर उन्हें कब्जे में लिया गया। जबकि संडयार स्थित एक घर से कंप्यूटर की हार्ड डिस्क सहित इलेक्ट्रॉनिक गैजट जब्त किए हैं। वहीं, तरामड़ी और पंजगाई में दबिश देने गई टीमों के हाथ कुछ नहीं लगा है। उधर, पुलिस प्रवक्ता एवं डीएसपी मुख्यालय मदन धीमान ने बताया कि एसआईटी की सूचना पर जिले के चार स्थानों पर रविवार सुबह दबिश दी गई। दो जगहों से संपत्ति के दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक गैजट जब्त किए हैं। जब्त किया गया सामान एसआईटी के हवाले किया जाएगा। आगामी कार्रवाई एसआईटी की ओर से ही की जाएगी।
मंडी के एक ज्वेलर के घर से हार्ड डिस्क जब्त
क्रिप्टोकरेंसी के नाम पर ठगी को लेकर एसआईटी ने मंडी जिले के दो स्थानों पर छापा मारा। दो लोगों के घरों में जांच-पड़ताल की। टीम ने दस्तावेज जब्त किए हैं। एसआईटी की रडार पर जिले के अन्य कई संदिग्ध भी हैं। ऐसे में यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। बताया जा रहा है कि बल्ह क्षेत्र के एक गांव में एसआईटी टीम पहुंची और इस मामले में गिरफ्तार एक आरोपी के घर में जांच की। यहां से लैपटाॅप, बैंक पासबुक और जमीनी कागजात टीम अपने साथ ले गए। इसी तरह मंडी शहर में एक ज्वेलर के यहां दबिश दी और हार्ड डिस्क व पासबुक टीम अपने साथ ले गई। इससे पहले भी स्थानीय पुलिस के सहयोग से एसआईटी ने जिले के 18 जगहों में दबिश दी थी। कई महत्वपूर्ण दस्तावेज कब्जे में लिए थे। संवाद
करोड़ों की संपत्ति के मालिक हैं 7 आरोपी
क्रिप्टोकरेंसी ठगी मामले में हाल ही में गिरफ्तार युवती सहित सात आरोपी भी करोड़ों की संपत्तियों के मालिक हैं। पुलिस एसआईटी को शंका है कि इन आरोपियों ने लोगों को ठग कर पैसा कमाया है। हालांकि पुलिस इन आरोपियों से पूछताछ कर रही है, लेकिन वह अपने बयान बदल रहे हैं। सुखदेव, हेमराज और सुभाष की संपत्ति सीज करने के बाद अब पुलिस एसआईटी इन सातों आरोपियों की संपत्तियों को खंगालने में जुटी है।