{"_id":"2f950b47a83c83198f1f0c001ba7e686","slug":"crop-insurance-for-mango-orange-and-plum-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"फसल बीमा योजना का लाभ लें किसान-बागवान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फसल बीमा योजना का लाभ लें किसान-बागवान
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Mon, 18 Jan 2016 12:03 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
किसान की अपनी सफल खेती अक्सर इस पर निर्भर करती है कि प्रकृति उस पर कितनी मेहरबान है। अपना कठोर परिश्रम करके खेतों को जोतकर बीज बोकर अपनी होने वाली फसल को कर देता है खुले आसमान के हवाले। अगर बिजाई से लेकर फसल कटाई तक मौसम अनुकूल रहे तो अपनी खुशी जाहिर कर नई फसल का पहला भाग पकवान के रूप में उस अनंत सत्ता परमेश्वर के प्रति भी धन्यवाद के रूप में प्रकट करता है।
विज्ञापन
ऐसी ही परंपरा ग्रामीण क्षेत्रों में देखी गई है। प्रकृति की अनुकंपा से जहां खेत-खलिहानों में अच्छी फसल से किसान के चेहरे में रौनक आती है। उसके विपरीत मौसम प्रतिकूल होने से उसकी उदासीनता अधिकांश तौर पर साफ झलकती है। उसी उदासीनता से कुछ राहत दिलवाने के लिए प्रदेश की सरकार मैदान में उतरी है किसानों की आर्थिक मदद के लिए- ‘मौसम आधारित फल फसल बीमा योजना’ लेकर।
विज्ञापन
क्या है यह अनूठी महत्वपूर्ण योजना, इसका जिक्र कृषि-दर्शन के इस सीमित कॉलम में इस समय वर्णन करना संभव नहीं है? आगे इसे स्पष्ट करूंगा। यहां केवल किसान भाइयों से यह अनुरोध करना चाहूंगा कि बिना कोई अवसर गंवाए निकटवर्ती बैंक शाखाओं से संपर्क करें। जहां से उन्होंने लघु अवधि का ऋण (केसीसी) प्राप्त किया है।
विज्ञापन
सेब और आम के फलों के लिए यह सुविधा शीघ्र 31 जनवरी को समाप्त होने जा रही है, जबकि किन्नू फल के लिए 14 मार्च तथा पलम व आडू फलों के लिए यह समय अवधि 28 मार्च तक है। ऐसे बागवान जिन्होंने किसी प्रकार का
उद्यान ऋण प्राप्त नहीं किया है, वे भी इस योजना का लाभ अपनी इच्छा के अनुसार प्राप्त कर सकते हैं, मगर सेब और आम के लिए इस योजना की अवधि इस प्रकार के बागवानों के लिए 20 दिसंबर 2015 को समाप्त हो चुकी है।
किन्नू, पलम और आडू के लिए वे योजना का लाभ ऋ णधारक बागवानों की भांति प्राप्त कर सकते हैं। राज्य सरकार द्वारा लगभग समूचे प्रदेश में बीमा योजना के सफल संचालन बारे छह सरकारी और निजी संस्थाओं का चयन किया गया है। फल पौधों की बीमित राशि पौधों की आयु वर्ग के अनुसार निर्धारित की गई है।
बागवानों को चाहिए कि वे इस योजना का भरपूर लाभ उठाने के लिए अपने निकटवर्ती विभागीय प्रसार कार्यकर्ताओं से सहर्ष संपर्क कर सकते हैं, जो उनकी सहायता के लिए सदैव तत्पर रहेंगे। (लेखक वर्तमान में हिमाचल प्रदेश उद्यान विभाग में निदेशक उद्यान विभाग के रूप में कार्यरत हैं।)
दूरभाष नंबर- 0177-2842390 हेल्पलाइन- बागवान अपनी समस्या/प्रश्न amarujalashimla@sml.amarujala.com पर हर सोमवार को प्रकाशित होने वाले इस कॉलम के लिए भेज सकते हैं।