स्कूल में तैनात महिला पीईटी का शातिर दिमाग, अब भुगतना पड़ा खामियाजा
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फर्जी सर्टिफिकेट से नौकरी हथियाने पर जिला के एक सरकारी स्कूल में तैनात महिला पीईटी को प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक ने सस्पेंड किया है। हाल ही में उक्त महिला पीईटी प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक पर छेड़छाड़ का आरोप लगा चुकी हैं। इस संबंध में महिला पुलिस थाना में केस भी दर्ज है।
उपनिदेशक इसी मामले में खुद को बचाने के लिए झूठे आरोप लगाने की बात कह चुके हैं। प्रारंभिक शिक्षा विभाग कुल्लू के उपनिदेशक की ओर से जारी आदेश में बताया गया है कि उक्त महिला पीईटी की तैनाती सरकारी स्कूल में ओबीसी कोटे के तहत हुई है।
लेकिन बाद में ओबीसी सर्टिफिकेट से फर्जी पाया गया है। जिस पर उक्त महिला पीईटी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल पर लाई गई है। निलंबित करने के साथ उक्त महिला पीईटी को जिला मुख्यालय स्थित एक स्कूल में तैनात किया गया है।
प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक पर लगा चुकी हैं छेड़छाड़ का आरोप
आदेश में कहा गया है कि वह प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक कुल्लू की आज्ञा के बगैर जिला मुख्यालय नहीं छोड़ सकती हैं। उल्लेखनीय है कि उक्त महिला पीईटी ने आरोप लगाया है कि प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक ने जानबूझ कर उसे जवाबतलब कर कार्यालय बुलाया और उसके साथ छेड़छाड़ की।
आरोपी प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक ने मामले में गिरफ्तारी के डर से कोर्ट से अग्रिम जमानत ली है। जबकि प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक ने इस मामले में सभी आरोपों को निराधार बताया है और जालसाजी कर झूठे प्रमाण पत्र से नौकरी हासिल करने के मामले में खुद को बचाने के लिए झूठे आरोप लगाने का दावा किया है।
प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक कुलवंत पठानिया ने बताया कि फर्जी प्रमाण पत्र की सहायता से नौकरी हासिल करने पर पीईटी को सस्पेंड किया गया है। नियमानुसार कार्रवाई अमल पर लाई गई है।