ट्रक ऑपरेटरों का गुस्सा फूटा, ढाई घंटे चक्का जाम
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चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाइवे की खस्ताहालत पर ट्रक ऑपरेटरों का गुस्सा फूट गया है। बुधवार को नेशनल हाईवे अथॉरिटी के खिलाफ सड़कों पर उतरते हुए जेपी, एसीसी और अंबुजा सीमेंट कारखानों से जुडे़ सैंकड़ों ट्रक ऑपरेटरों ने नौणी चौक में चक्का जाम किया।
इससे लगभग ढाई घंटे सड़क के पांच किलोमीटर के दायरे में 500 से अधिक छोटी-बड़ी गाड़ियों की लाइनें लग गईं। बाहरी राज्यों के सैलानियों समेत हजारों यात्री फंसे रहे।
मरीज और एंबुलेंस भी इस जाम से कुछ समय के लिए फंस गए। प्रशासन की ओर एडीएम प्रदीप ठाकुर के मौके पर पहुंचने के बाद ही ऑपरेटर धरने से हटे। बीडीटीएस बरमाणा की अगुवाई में बिलासपुर और सोलन जिले से संबंधित जेपी, एसीसी और अंबुजा सीमेंट कारखानों के सैकड़ों ट्रक ऑपरेटरों ने नौणी चौक पहुंचकर धरना दिया।
गर्मी में फंसे रहे 500 से ज्यादा सैलानी
शिमला, मनाली और चंडीगढ़ की ओर से आने वाले वाहन इसी चौक पर मिलते हैं। इससे यहां तीनों ओर से ट्रैफिक थम गया। लगभग ढाई घंटे तक यात्री प्रचंड गर्मी में फंसे रहे। सैलानियों की संख्या भी 500 से अधिक थी।
धरने पर बैठे ऑपरेटरों को समझाने के लिए पहले डीआरओ शशि शर्मा और डीएसपी प्रताप सिंह ठाकुर मौके पर पहुंचे। ऑपरेटर प्रशासन के अधिकारी से बात करने पर अडे़ रहे। लगभग पौने एक बजे एडीएम प्रदीप ठाकुर, एसडीएम एमएल मेहता और एएसपी भूपेंद्र कंवर मौके पर पहुंचे।
एनएच की मरम्मत को लेकर टेंडर होने की जानकारी देने के साथ ही प्रशासन ने एनएचएआई और ऑपरेटरों की संयुक्त बैठक रखने का आश्वासन दिया। तब कहीं जाकर ऑपरेटर अपने प्रदर्शन से पीछे हटे। प्रदर्शन में बीडीटीएस के अलावा बिलासपुर की विभिन्न ट्रक ऑपरेटर सभाएं, अंबुजा और सोलन से जुड़ी ऑपरेटर यूनियनों के पदाधिकारी एवं सदस्य शामिल थे।
बार बार गुजारिश करने पर भी नहीं हुआ काम
बीडीटीएस के प्रधान लेख राम वर्मा ने बताया कि केंद्रीय भूतल परिवहन एवं परिवहन राज्य मंत्री ने बिलासपुर दौरे के दौरान एनएचएआई के अधिकारियों को जनसभा के दौरान मंच से ही सड़क सुधारने के आदेश दिए थे।
उन्हें मजबूरन चक्का जाम करना पड़ा। महासचिव राजपाल गौतम ने कहा कि सड़क की खस्ताहालत से हर रोज ट्रकों के कलपुर्जे टूट रहे हैं।
ट्रक रास्ते में खराब हो जाते हैं तो ट्रैफिक जाम की भी समस्या पैदा हो जाती है। बार-बार आग्रह करने पर भी काम नहीं हो रहा।