काम के बदले रिश्वत मांग रहा था आरटीओ, रंगे हाथ पकड़ा गया
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आरटीओ सोलन को देर रात विजिलेंस की टीम ने रंगे हाथों रिश्वत लेते धरा है। पुलिस ने यह कार्रवाई परवाणू में की है। बताया जा रहा है कि किसी काम के बदले वह पैसों की डिमांड कर रहा था। शिकायत विजिलेंस को मिली।
इसके बाद विजिलेंस की टीम ने जाल बुना और आरटीओ को बीस हजार के साथ रंगे हाथों धरा है। देर रात आरोपी आरटीओ को सोलन विजिलेंस थाना में लाया गया। विजिलेंस के मुताबिक कुछ अरसे से आरोपी आरटीओ पर विजिलेंस कर नजर थी।
शिकायतें थीं कि परमिट और वाहन संबंधी अन्य कार्यों के लिए पैसे की डिमांड हो रही है। लेकिन कोई शिकायतकर्ता सामने नहीं आया। कुछ समय पहले ट्रांस्पोर्ट से जुड़े एक कारोबारी ने विजिलेंस में शिकायत करते हुए कहा कि आरटीओ काम के एवज में पैसे की डिमांड कर रहा है।
ऐसे बिछाया जाल, फंस गया आरटीओ
मंगलवार को आरटीओ परवाणू में मौजूद था। विजिलेंस ने जाल बुना और रकम पर विशेष स्याही लगाकर शिकायतकर्ता को आरटीओ के पास भेजा। सादे लिबास में विजिलेंस की टीम आस पास मौजूद थी। जैसे ही लेनदेन का काम शुरू हुआ मौके पर विजिलेंस की टीम पहुंच गई और आरटीओ को 20 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों विजिलेंस की टीम ने दबोच लिया।
डीएसपी विजिलेंस सोलन श्वेता ठाकुर ने कहा कि आरटीओ सोलन मोहन लाल मेहता को विजिलेंस की टीम ने परवाणू में रंगे हाथों दबोचा है। 20 हजार की रिश्वत लेने के आरोप में आरटीओ को गिरफ्तार किया है। विजिलेंस मामले में जांच कर रही है। वहीं खबर लिखे जाने तक करीब साढ़े दस बजे विजिलेंस की टीम आरोपी आरटीओ को विजिलेंस थाना में परवाणू से ला रही थी।
लंबे समय के बाद हाथ लगी कामयाबी
सोलन विजिलेंस की टीम को लंबे समय बाद कोई सफलता हाथ लगी है। इससे पहले करीब डेढ़ साल पहले विवि का एक अधिकारी फर्जी सर्टिफिकेट लेता रंगे हाथों मालरोड़ पर दबोचा गया था। जिसके बाद विजिलेंस ने यह मामला पकड़ा है। बताया जा रहा है कि कई संदिग्धों की गतिविधियों पर विजिलेंस की नजर है।