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पीड़िता ने कहा, इसी कमरे में हुआ था मेरा यौन शोषण
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Sat, 12 Apr 2014 09:12 AM IST
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विधानसभा परिसर में पीड़ित महिला ने विधायक के उस कमरे की शिनाख्त की है, जिस कमरे में विधायक पर पीड़िता के साथ अप्राकृतिक यौनाचार का आरोप लगा है।
यह कमरा भी उस समय तत्कालीन विधायक बलदेव शर्मा के नाम से अलाट था। इन्हें विधानसभा में दो अलग- अलग कमरे अलाट किए गए थे।
इन्हीं में से एक कमरे में महिला ने पूर्व विधायक पर यह संगीन आरोप लगाया है। पूर्व विधायक से शुक्रवार को कोई पूछताछ नहीं हुई, पीड़ित महिला पुलिस के संरक्षण में रह रही है।
बताते चलें कि महिला ने पहले अपनी एफआईआर में कमरा नम्बर 306 में इस दुराचार का जिक्र किया था। यह कमरा भाजपा के ही एक पूर्व विधायक प्रवीन शर्मा का था।
उन्होंने साफ कहा था कि उन्होंने अपने कमरे की चाभी कभी बलदेव को नहीं दी। उनकी बात सही निकली।
सबूत मिलने की उम्मीद फिलहाल कम
पुलिस के लिए यह मामला पेचीदा है, मामला दो साल पुराना होने के कारण वारदात स्थल से ठोस साक्ष्य मिलने की उम्मीद काफी कम है। अब महिला का मेडिकल भी नहीं करवा सकते।
पुराना मामला होने के कारण महिला भी सटीक जानकारी पुलिस को मुहैया नहीं करवा पा रही है। पुलिस के पास महिला के बयान के अलावा ऐसा कोई ठोस साक्ष्य नहीं है जिसके आधार पर आरोप को सिद्व किया जा सके।
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लिहाजा पुलिस मामले की जांच सांइटिफिक तरीके से कर रही है, इसमें पुलिस के हाथ कितनी सफलता लगती है यह आने वाले दिनों में साफ हो पाएगा।
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यह कमरा भी उस समय तत्कालीन विधायक बलदेव शर्मा के नाम से अलाट था। इन्हें विधानसभा में दो अलग- अलग कमरे अलाट किए गए थे।
इन्हीं में से एक कमरे में महिला ने पूर्व विधायक पर यह संगीन आरोप लगाया है। पूर्व विधायक से शुक्रवार को कोई पूछताछ नहीं हुई, पीड़ित महिला पुलिस के संरक्षण में रह रही है।
बताते चलें कि महिला ने पहले अपनी एफआईआर में कमरा नम्बर 306 में इस दुराचार का जिक्र किया था। यह कमरा भाजपा के ही एक पूर्व विधायक प्रवीन शर्मा का था।
उन्होंने साफ कहा था कि उन्होंने अपने कमरे की चाभी कभी बलदेव को नहीं दी। उनकी बात सही निकली।
सबूत मिलने की उम्मीद फिलहाल कम
पुलिस के लिए यह मामला पेचीदा है, मामला दो साल पुराना होने के कारण वारदात स्थल से ठोस साक्ष्य मिलने की उम्मीद काफी कम है। अब महिला का मेडिकल भी नहीं करवा सकते।
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पुराना मामला होने के कारण महिला भी सटीक जानकारी पुलिस को मुहैया नहीं करवा पा रही है। पुलिस के पास महिला के बयान के अलावा ऐसा कोई ठोस साक्ष्य नहीं है जिसके आधार पर आरोप को सिद्व किया जा सके।
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लिहाजा पुलिस मामले की जांच सांइटिफिक तरीके से कर रही है, इसमें पुलिस के हाथ कितनी सफलता लगती है यह आने वाले दिनों में साफ हो पाएगा।