पार्किंग में चल रही थी अवैध वसूली, रंगे हाथ पकड़ा गया ठेकेदार
शिमला शहर की एक पार्किंग में ओवरचार्जिंग के मामले में एक ठेकेदार के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज हुई है। ठेकेदार की ओर से पार्किंग में नगर निगम नहीं बल्कि अपनी रसीद बुक ही छपवा रखी थी। नगर निगम की टीम ने शिकायत मिलने पर मौके का मुआयना किया और रंगे हाथों पकड़ा।
नगर निगम के आला अफसरों के ध्यान में मामला आने के बाद आरोपी के खिलाफ तुरंत एफआईआर करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। इस बात की पुष्टि नगर निगम के सहायक आयुक्त प्रशांत सरकैक ने की है। नगर निगम के मुताबिक उन्हें सड़क कार पार्किंग नजदीक सिसल होटल चौड़ा मैदान में अवैध राशि वसूलने की शिकायत मिली थी।
इस पर नगर निगम की एक टीम ने बुधवार को मौके का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि नीरज कुमार की ओर से अवैध रूप से पार्किंग में खड़े वाहन की पिछले कई महीने से अवैध रसीदें काटी जा रही थी, जबकि यह पार्किंग संजय गुलेरिया को आवंटित की गई थी।
निरीक्षक टीम ने ऐसे रंगे हाथ पकड़ा आरोपी
इस दौरान मौके पर निरीक्षक राम प्रकाश और बृजलाल खाची की ओर से अपने जानकार दोस्त की गाड़ी नंबर एचपी 03 सी 3244 को उक्त पार्किंग में लगाया गया। अवैध रूप से रसीद काट रहे व्यक्ति की ओर से 50 रुपये की रसीद काटी गई।
रसीद हाथ में आते ही टीम ने आरोपी को मौके पर दबोच लिया। नीरज कुमार सपुत्र ज्ञान चंद, मान सिंह बिल्डिंग टुटू से रसीद बुक नंबर 602 से 795 तथा फर्जी पत्र जो सहायक आयुक्त के फर्जी हस्तारक्षित तथा मोबाइल इत्यादि मौके पर जब्त किए गए।
इसके बाद नीरज कुमार को सहायक आयुक्त के सामने पेश किया गया। मामले के खुलासे के बाद नगर निगम की ओर से पुलिस प्रशासन को लिखित में शिकायत दी गई है कि अवैध रूप से चलाए जा रहे गोरख धंधे और फर्जी हस्ताक्षर के मामले में संलिप्त व्यक्ति नीरज कुमार और संजय गुलेरिया ठेकेदार के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की जाए।
निगम की कई पार्किंगों में चल रहा है गोरखधंधा
पर्यटक सीजन उफान पर है और कई पार्किंगों में सैलानियों के साथ ओवरचार्जिंग की जा रही है। सीमित पार्किंग स्थल होने की वजह से पर्यटक भी मनमानी फीस चुकाने को मजबूर हो रहे हैं। शिकायत सुनने वाला कोई नहीं है। नगर निगम की टीम भी गाहे बगाहे की निरीक्षण करती है। सैलानी लुटने को मजबूर हैं।
नगर निगम की कई पार्किंगों में इस तरह का गोरखधंधा चल रहा है। मैट्रोपाल की पार्किंग में सैलानियों से ओवर चार्जिंग के मामले सामने आते रहे हैं। यहां भी एक ठेकेदार नगर निगम की रसीद को दरकिनार कर अपनी रसीद चलाकर ठाठ से अवैध वसूली करता रहा है।
इसकी शिकायत भी नगर निगम को की गई लेकिन निगम की ओर से आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। केवल जुर्माना लगाने की बात कहकर डयूटी निभा रहे हैं। आम जनता की मांग है कि नगर निगम दूसरी पार्किंगों का भी औचक निरीक्षण करें ताकि इस तरह की मनमानी पर अंकुश लगा सके।
दो ठेकेदार खा चुके हैं जेल की हवा
ओवरचार्जिंग और जाली रसीदों के चक्कर में पार्किंग के दो ठेकेदार जेल की हवा भी खा चुके हैं। उपमहौपर ने औचक निरीक्षण के दौरान दो पार्किंगों में जाली रसीदें पकड़ी थी इसके बाद इस बारे में थाना सदर में शिकायत दर्ज करवाई थी। पुलिस ने दोनों ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई कर न्यायिक हिरासत में भेजा था। काफी दिनों तक जेल में रहने के बाद उन्हें जमानत मिल पाई थी।
मामला गंभीर, एफआईआर करवाई : सरकैक
नगर निगम के सहायक आयुक्त प्रशांत सरकैक ने कहा कि मामला गंभीर है आरोपी नीरज और ठेकेदार संजय गुलेरिया के खिलाफ पुलिस में मुकदमा दर्ज करवाया गया है। अगर नगर निगम की किसी भी पार्किंग में ऐसी अवैध वसूली की जा रही है तो आम जनता बेहिचक शिकायत करें ऐसे ठेकेदारों के खिलाफ भी ऐसी ही सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। नगर निगम अपने स्तर पर भी सभी पार्किंगों का औचक निरीक्षण करेगा।