हॉस्टल की पांचवीं मंजिल से कूदकर नर्सिंग कॉलेज की छात्रा ने दी जान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
निजी नर्सिंग कॉलेज सोलन में प्रथम वर्ष की प्रशिक्षु ने हॉस्टल की पांचवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। घटना सोमवार रात 11 बजे की है। प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस ने धारा 174 के तहत केस दर्ज किया है।
हालांकि, छात्रा के अभिभावकों ने कॉलेज प्रबंधन पर बेटी को छुट्टियां न देकर प्रताडि़त और भेदभाव करने के आरोप लगाए हैं। छात्रा शिमला की रहने वाली थी और सोमवार को ही छुट्टी काटकर घर से पहुंची थी।
पुलिस के अनुसार मुरारी लाल नर्सिंग कॉलेज सोलन में प्रशिक्षण ले रही छात्रा की संदिग्ध हालत में मौत हुई है। छात्रा के पिता ने पुलिस को बयान दिया कि कॉलेज की सभी प्रशिक्षुओं को 15 जुलाई को जबकि उनकी बेटी को 20 तारीख को छुट्टियां दी गईं।
पूरी पारदर्शिता से होगी मामले की जांच : एएसपी
छुट्टी के दौरान उसने कॉलेज में हो रहे भेदभाव की शिकायत भी की थी। उन्हें इस बात का जरा भी आभास नहीं था कि उनकी बेटी हॉस्टल पहुंच कर इतना बड़ा कदम उठा लेगी।
परिजनों के अनुसार अन्य छात्राओं को समय पर और बेटी को देरी से छुट्टी मिलने से वह आहत थी। इसकी वजह से उसने आत्महत्या जैसा कठोर कदम उठा लिया है। उधर, पुलिस ने परिजनों के बयान के आधार पर मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिव कुमार शर्मा का कहना है कि छात्रा के परिजनों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। पुलिस मामले की गहनता से पड़ताल कर रही है। छुट्टी न मिलने के बयान पर भी जांच जारी है।
पुलिस मौत के पीछे की हर वजह को खंगाल रही है। पूरे मामले में पारदर्शिता के साथ काम होगा। परिजनों के आरोप सही पाए गए तो कुछ और धाराएं जोड़ी जा सकती हैं।
पुलिस जांच में सहयोग करेंगे : अंकित गुप्ता
मुुरारी लाल नर्सिंग कॉलेज के निदेशक अंकित गुप्ता ने बताया कि सोमवार रात करीब 11 बजे प्रथम वर्ष की छात्रा हॉस्टल की पांचवीं मंजिल से नीचे गिर गई। इससे उसकी मौत हो गई।
छात्रा के साथ सामान्य व्यवहार किया जा रहा था और नर्सिंग काउंसिल ऑफ इंडिया के नियमों के मुताबिक ही छुट्टियां दी जा रही थीं। उन्होंने बताया कि वे इस मामले की जांच में पूरा सहयोग करेंगे। छात्रा की माता ने बताया कि उनकी बेटी की मौत कॉलेज प्रबंधन के अनावश्यक दबाव की वजह से हुई है।
भविष्य में किसी दूसरी छात्रा के साथ ऐसा न हो, इसलिए पुलिस व प्रशासन को कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि छात्रा ने उन्हें कॉलेज में प्रताडि़त किए जाने के बारे में बताया था।