भगवान परशुराम के दर रुकवाया नाबालिग का विवाह, यहां जानिए पूरा मामला
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चाइल्ड लाइन नाहन ने एक नाबालिग लड़के का विवाह रुकवा दिया। रेणुका के भगवान परशुराम मंदिर में यह विवाह हो रहा था लेकिन ऐन मौके पर पहुंचकर चाइल्ड लाइन की सदस्यों ने जब उन्हें बाल विवाह एक्ट की जानकारी दी तो उन्होंने खुद ही इस विवाह को रोक दिया।
जानकारी के अनुसार चाइल्ड लाइन नाहन की एक टीम रेणुका क्षेत्र में लोगों को चाइल्ड हेल्प लाइन नंबर 1098 पर जागरूक कर रही थी। इस दौरान टीम ने भगवान परशुराम मंदिर में शादी का एक मंडप सजा देखा, जहां पर शिलाई के बकरास निवासी युवक तथा कोटा पाब क्षेत्र की एक लड़की की शादी की तैयारियां चली हुई थीं।
शादी दोनों परिवारों की रजामंदी से हो रही थी। शादी समारोह में दोनों ही परिवार के परिजन शामिल थे। इस मौके पर टीम की सदस्या विनीता ठाकुर व सुमन देवी ने शक होने पर वर-वधू की जानकारी हासिल करनी शुरू कर दी। उन दोनों की जन्मतिथि के प्रमाण पत्र भी देखे।
दो की उम्र थी एक समान
उन्होंने पाया कि जहां वधू 19 वर्ष की थी, वहीं दूल्हे की उम्र भी 19 वर्ष थी। युवक के शादी की उम्र से दो वर्ष छोटा होने की बात सामने आने पर चाइल्ड लाइन की सदस्यों ने उन्हें बाल विवाह एक्ट की जानकारी प्रदान की। उन्हें बताया कि शादी के लिए लड़के की उम्र कम से कम 21 वर्ष होना आवश्यक है।
ऐसा नहीं होने पर सजा का भी प्रावधान है, जिस पर लड़के व उसके परिजनों ने इस एक्ट के प्रति अनभिज्ञता जाहिर की। इस दौरान विनीता ठाकुर व सुमन शर्मा ने वर-वधू व उसके परिजनों की काउंसलिंग भी की। इसके बाद लड़के व लड़की के परिजनों ने अभी शादी न करने की बात कही।
दोनों तरफ के परिजनों ने चाइल्ड हेल्प लाइन को विश्वास दिलाया कि अब वह लड़के के बालिग होने पर ही शादी करेंगे। चाइल्ड लाइन नाहन की सदस्या विनीता ठाकुर ने कहा कि यद्यपि दोनों परिजनों ने अपनी गलती स्वीकार कर विवाह रोक दिया है। ऐसे में इसकी शिकायत पुलिस को नहीं की गई।