अमर उजाला में छपी खबर से हड़कंप, कई अफसर नपेंगे
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श्रीनयना देवी के जंगलों में बिना मंजूरी 25 हजार खैर के पेड़ काटने की अमर उजाला में छपी खबर से हड़कंप मच गया है। विजिलेंस ने खबर छपते ही रविवार को रेंज के सलोआ वन खंड में अवैध खैर कटान मामले में बिलासपुर थाने में पहली एफआईआर दर्ज कर दी।
एफआईआर में ठेकेदार के साथ वन विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी भी नामजद किए गए हैं। इनके खिलाफ फॉरेस्ट एक्ट, आईपीसी और भ्रष्टाचार निरोधक एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
विजिलेंस की प्रारंभिक जांच में पाया गया है कि सलोआ वन खंड में खैर के 4743 पेड़ काटे गए हैं, जिनकी कुल कीमत 9.33 करोड़ आंकी गई है। चार और वन खंडों में खैर कटान की जांच चल रही है।
इन धाराओं के तहत चलेगा मुकदमा
एक स्थानीय व्यक्ति की शिकायत के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय के निर्देश पर विजिलेंस ने इस मामले की प्रारंभिक जांच शुरू की है। सलोआ खंड में खैर कटान की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर ही विजिलेंस ने पहली कार्रवाई की है।
विजिलेंस पिछले तीन माह से सलोआ के खरकड़ी, खुलवी और सलोआ के जंगलों का चप्पा-चप्पा छान रही थी। अभी वन खंड बड़ोह, कोट, बस्सी और भाखड़ा ग्वालथाई की जांच शेष है। जांच टीम जल्द ही यहां के जंगलों को भी खंगालेगी। प्रारंभिक जांच में पांच वन खंडों में करीब 25000 पेड़ों का अवैध कटान बताया जा रहा है।
शिकायत नंबर 56/17 की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर विजिलेंस ने एफआईआर नंबर 1/2018 के तहत इंडियन फॉरेस्ट एक्ट की धारा 32, 33, आईपीसी की धारा 420, 120-बी और प्रीवेंशन ऑफ क्रप्शन एक्ट की धारा 13(1) (डी) आर/डब्ल्यू 13 (2) के तहत कार्रवाई की है।