HPCA: आईएएस केके पंत के खिलाफ चलेगा मुकदमा
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राज्य सरकार ने हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (एचपीसीए) केस में आईएएस अधिकारी केके पंत के खिलाफ अदालत में केस चलाने को मंजूरी दे दी है। पंत पर कांगड़ा के डीसी रहते धर्मशाला क्रिकेट स्टेडियम के लिए सरकारी भवन को नियमों के विपरीत गिराने के आरोप हैं।
एचपीसीए के खिलाफ दर्ज दूसरी एफआईआर में केके पंत का नाम भी जोड़ा गया। हालांकि, मामले में विजिलेंस ने इस आईएएस अफसर के खिलाफ केंद्र से भी अभियोजन की मंजूरी मांगी थी लेकिन अब प्रदेश सरकार की मंजूरी के आधार पर ही उनके खिलाफ चालान पेश करने की तैयारी है।
विजिलेंस का तर्क है कि भारतीय दंड संहिता की धाराओं में चालान पेश करने के लिए केंद्र की मंजूरी जरूरी नहीं है। 1993 बैच के आईएएस केके पंत वर्तमान में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं। एडीजी विजिलेंस पृथ्वीराज का कहना है कि आईएएस केके पंत पर मुकदमा शुरू करने के लिए प्रदेश सरकार से अभियोजन मंजूरी मिल गई है।
फायदा पहुंचाने का आरोप
पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में केके पंत कांगड़ा में उपायुक्त थे। वर्ष 2008 में उन्होंने बतौर उपायुक्त बैठक बुलाकर धर्मशाला क्रिकेट स्टेडियम के नजदीक बने कॉलेज के सरकारी क्वार्टर को गिराने के आदेश दिए थे।
आरोप है कि अनुराग ठाकुर की अगुवाई वाली एचपीसीए को फायदा पहुंचाने के लिए उन्होंने ऐसा किया। विजिलेंस ने इस मामले की जांच के बाद पंत के खिलाफ केंद्र और प्रदेश सरकार से अभियोजन मंजूरी मांगी थी। प्रदेश सरकार ने दो दिन पूर्व ही भारतीय दंड संहिता की चार धाराओं (406, 447, 201, 120 बी) में यह मंजूरी दे दी है।
वहीं, प्रदेश सरकार ने इसी मामले में एक अन्य आईएएस अधिकारी पीसी धीमान की फाइल वापस विजिलेंस को भेज दी है। विजिलेंस को इसे और दुरुस्त कर दोबारा भेजने को कहा है। पीसी धीमान उस दौरान शिक्षा सचिव थे।