जानिए गैंगरेप की अफवाह फैलाने वाली महिला का चौंकाने वाला सच
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धर्मशाला में कथित गैंगरेप मामले की जांच में पुलिस और एसआईटी उलझकर रह गई है। तीसरे दिन भी पुलिस यह पता नहीं लगा पाई कि शिकायतकर्ता महिला ने यह पूरा जाल किसके इशारे पर बुना। बिन बात का इतना बड़ा बतंगड़ बनाने की जरूरत उसे क्यों पड़ी?
जबकि पुलिस खुद उसकी दिमागी हालत ठीक बता रही है। यही नहीं शिकायतकर्ता महिला पुलिस को गुमराह करने में भी कामयाब रही। उसने पुलिस को गाजियाबाद तक दौड़ा दिया।शिकायतकर्ता महिला ने गाजियाबाद के कुछ फोन नंबर भी बताए थे।
इस आधार पर एसआईटी ने गाजियाबाद जाकर जांच की, लेकिन उस महिला का इस घटना से कोई लेना-देना नहीं है। पुलिस के मुताबिक वहां जाकर पता चला कि शिकायतकर्ता महिला ने गाजियाबाद में रहने वाली जिस महिला के नंबर दिए थे, वह मूलतया कांगड़ा की रहने वाली है। वह अपने परिवार के साथ गाजियाबाद में रहती है।
आखिर महिला ने क्यों रची मनघढ़ंत कहानी
गाजियाबाद वाली महिला अपने परिवार सहित 13 मई को पठानकोट से दिल्ली जा रही थी। इसी ट्रेन में शिकायतकर्ता महिला गाजियाबाद वाली महिला को मिली थी। वार्तालाप के दौरान शिकायतकर्ता महिला ने गाजियाबाद वाली महिला के टेलीफोन नंबर लिए थे, जिन्हें बाद में उसने अपने बयान में पुलिस को गुमराह करने के लिए प्रयोग किया।
एसपी कपिल शर्मा ने यह जानकारी देर शाम को जारी किए प्रेस नोट में दी है। उन्होंने कहा कि इस पूरे प्रकरण में इस महिला की भूमिका, पृष्ठभूमि और अन्य पहलुओं पर एसआईटी जांच कर रही है। एसआईटी जांच और शिकायतकर्ता महिला के बयान से स्पष्ट हुआ है कि उसने आधारहीन और मनघढ़ंत बातों के आधार पर कथित छेड़खानी और दुराचार की झूठी शिकायत की थी।
महिला ने अपने बयान में धर्मशाला के समीप के एक गांव की लड़की का नाम बताया था। लड़की के माता और पिता का नाम भी उसने सही बताया था, जबकि लड़की ने उसके साथ किसी भी घटना के होने से इनकार किया है। एसपी कांगड़ा ने शुक्रवार को कहा कि इस पूरे प्रकरण में इस महिला की भूमिका और पृष्ठभूमि की एसआईटी जांच जारी है।
कथित गैंगरेप पीड़िता का परिवार सदमे में
कथित गैंगरेप मामले में तथाकथित शिकायतकर्ता, कथित पीड़ित लड़की और तथाकथित शिकायतकर्ता महिला के ससुराल जाकर ‘अमर उजाला’ ने मामले का सच जानने की कोशिश की। इस दौरान पता चला कि शिकायतकर्ता और कथित पीड़ित लड़की धर्मशाला से करीब सात किलोमीटर दूर एक ही गांव की रहने वाली हैं।
शिकायतकर्ता के घर पर ताले लगे थे। वहां कोई भी नहीं था। ड्राइवरी कर घर का गुजारा करने वाले लड़की के पिता ने बताया कि उनका परिवार मामले में बेवजह परेशान हुआ। उनकी लड़की बिल्कुल सुरक्षित है। उनकी लड़की जमा दो में प्रदेश में भर में मेरिट में रही थी। वह साइंस स्टूडेंट है। उसे गहरा धक्का लगा है।
उनकी लड़की ने व्हाट्सऐप पर मैसेज डालकर दोस्तों से भी कहा है कि इस कॉलेज को बचाओ। उनके प्रिंसिपल बहुत अच्छे हैं। कहा कि वीरवार सुबह करीब 10 बजे पुलिस उनके घर पहुंची तो वह हैरान हो गए। उन्हें और उनकी बेटी को पुलिस स्टेशन धर्मशाला ले जाया गया। फिर पता लगा कि सुबह छह बजे शिकायतकर्ता को पुलिस ने पकड़ा है। वह भी थाने में थी। शिकायतकर्ता महिला ने उनकी बेटी का नाम लिया था।
शिकायतकर्ता उनके ही गांव की रहने वाली है। उसका मायका उन्हीं के गांव में है जबकि ससुराल लंज रोड पर एक गांव में है। तथाकथित शिकायकर्ता आठवीं में उनकी बेटी के साथ पढ़ी है। एक ही दिन में उनका परिवार बेहद परेशान हुआ है।
सास बोली, फौजी से लूटपाट कर चुकी है हमारी बहू
वहीं, शिकायतकर्ता महिला की सास ने बताया कि जैसे पुलिस कह रही है कि उसकी बहू दिमागी तौर पर परेशान है तो यह सरासर गलत है। वह मानसिक रूप से बिल्कुल ठीक है। उसकी बहू का चाल-चलन विवाह से पहले का ही खराब है। शादी के के बाद ही उसने अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया था। वह पिछले करीब डेढ़ साल से बेहद परेशान हैं।
उनकी बहू को एक बार गलत धंधे के जुर्म में मुंबई में गिरफ्तार किया गया था । उसके बाद एक बार लुधियाना से भी फोन आया था। वहां पर उनकी बहू ने एक फौजी के साथ लूटपाट की थी। इसके बारे में कई बार पंचायत में शिकायत की गई। उसके मायके वाले भी इस महिला के विरुद्ध जा चुके हैं। पुलिस चौकी गगल में उन्होंने अपनी बहू के खिलाफ कई बार शिकायत की है।
लेकिन, आज तक वह परेशानी झेल रहे हैं। वहां की पंचायत प्रधान ने बताया कि पिछले तीन वर्षों से तथाकथित शिकायतकर्ता महिला ने अपने ससुराल वालों को परेशान करके रखा है। कई बार हमारी पंचायत और पुलिस चौकी गगल और जागोरी संस्था में शिकायत हो चुकी है। महिला कई बार गलत काम करते रंगे हाथों पकड़ी गई है।
ओवरस्मार्ट है महिला
शिकायतकर्ता महिला के मायके की पंचायत के सचिव और गांव के रहने वाले एक शख्स ने बताया कि उसकी शादी 18-19 साल में हो गई थी। पिता की करीब आठ वर्ष पहले मौत हो चुकी है। मायके में उसकी मां, नानी और छोटा भाई रहता है। मां मनरेगा में काम करती है।
महिला स्कूल में पढ़ने के दौरान भी दो बार घर से भाग गई थी। जब शादी हुई तो ससुराल से भी 20-25 दिन बाद भाग जाती थी। एक बार तो ससुराल वाले महिला को बांध कर पंचायत में लाए। महिला का तीन साल बच्चा भी है।
ससुराल और मायके के संबंधित पुलिस स्टेशनों में महिला के बारे में एफआईआर दर्ज हैं। महिला के गायब होने को लेकर कई बार पंचायत और पुलिस में मामला पहुंचा। सचिव ने बताया कि उसे लगता है कि महिला मानसिक रोगी नहीं बल्कि ओवरस्मार्ट है।
महिला और पति से पूछताछ
धर्मशाला में कथित गैंगरेप जैसी कोई वारदात न होने का खुलासा करने वाली एसआईटी अब इस अफवाह को फैलाने वाले लोगों की धरपकड़ के लिए मुस्तैद हो गई है। शिकायतकर्ता महिला ने आखिर किसके कहने पर झूठ बोले, पुलिस इसका भी पता लगा रही है।
शुक्रवार को पुलिस ने शिकायतकर्ता महिला से फिर पूछताछ की। शिकायतकर्ता महिला रात को अपने मायके के घर में पुलिस सुरक्षा के बीच रही। सुबह उसे पूछताछ के लिए थाने लाया गया। महिला के पति से भी थाने में पूछताछ हुई। पति ने पूछताछ के दौरान अपनी पत्नी के चाल चलन पर सवाल उठाए। दोनों के बीच पंचायत और पुलिस तक कई बार मामला पहुंच चुका है। पति ने बताया कि महिला अक्सर गायब हो जाती है।