जमीन खरीदने के लिए उद्योगपति ने रची साजिश
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ऊना विजिलेंस ब्यूरो ने एक उद्योगपति पर जमीन खरीद मामले में फर्जीवाड़े के आरोप साबित होने पर 420, 467, 468, 471, आईपीसी 13(2) के तहत केस दर्ज किया है। एएसपी विजिलेंस विजय कुमार सकलानी ने इसकी पुष्टि की है।
बताया जा रहा है कि औद्योगिक क्षेत्र में अर्से से रह रहे पंजाब के एक उद्योगपति ने फर्जी कागजात तैयार करवाकर कृषक होने का प्रमाण पत्र हासिल किया और उसी आधार पर शिमला जिले के जुन्गा और ऊना जिले में कई जगहों पर जमीन खरीदी। जमीन कौड़ियों के भाव में खरीदकर करोड़ों में आगे बेच दी।
विजिलेंस सूत्रों के मुताबिक फर्जीवाड़े की जांच 2012 से चल रही थी। तमाम दस्तावेजों की जांच के बाद यह साबित हो गया है कि मैहतपुर के उद्योगपति ने जिन कृषक प्रमाण पत्रों को तैयार करवाया है, वे फर्जी पाए गए हैं।
यह है पूरा मामला
विजिलेंस के सूत्र बताते हैं कि फर्जीवाडे़ में ऐसी भी शिकायत है कि उद्योगपति ने अपने कुछ स्थानीय दोस्तों के नाम पर भी हिमाचल में जमीन खरीदी है। इसकी भी जांच की जाएगी।
2012 में अखिल भारतीय क्षत्रिय सभा एवं अखिल भारतीय ब्राह्मण सभा के संयुक्त मंच ने वित्तायुक्त शिमला, उपायुक्त शिमला, तहसीलदार जुन्गा, उपायुक्त ऊना, तहसीलदार ऊना व हरोली को इस फर्जीवाड़े की एक लिखित शिकायत सौंपकर जांच की मांग की।
मंच के अध्यक्ष ठाकुर सर्वजीत सिंह, ब्राह्मण सभा के महासचिव पंडित शिव किशोर वासुदेव ने फर्जीवाड़े से जुड़े सुबूत भी सौंपे। इसके बाद विजिलेंस ने मामले की जांच की और आरोपों को सही पाया।