सावधान! कहीं आपकी जेब में तो नहीं नकली नोट
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हिमाचल में नकली नोट के गिरोह का पदाफर्श हुआ है। सदर थाना क्षेत्र नाहन में एक हजार का नकली नोट चलाते दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। वे पिछले तीन माह में एक हजार के 28 नकली नोट मार्केट में चला चुके थे।
29वां नोट चलाने के प्रयास में धरे गए। पुलिस ने उनसे 1000 का एक और नकली नोट बरामद किया है। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ है कि एक हजार का नोट चलाने के एवज में उन्हें 100 रुपये कमीशन मिलती थी। पुलिस ने दुकानदार की शिकायत पर मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मंगलवार को उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा।
सोमवार को पुरुषोत्तम दास तोमर निवासी ढाबों मोहल्ला नाहन ने थाना नाहन में शिकायत दर्ज करवाई कि रविवार शाम को करीब आठ बजे एक बिहारी मूल का लड़का उसकी दुकान पर 1000 रुपये का नोट लेकर आया।
उसने कुछ सामान खरीदा और बकाया मांगा। उसके पास चेंज नहीं थी। उसने पड़ोसी से खुले पैसे मांगे तो पता चला कि नोट नकली है। संदेह होने पर कच्चा टैंक पुलिस चौकी को सूचित किया।
छोटे दुकानदारों के पास चलाते थे नकली नोट
पुलिस ने आरोपी युवक अनिल कुमार निवासी करामुआ जिला बेतिया (बिहार) के कमरे से एक हजार का एक और नकली नोट बरामद किया। कमरे में उसका एक अन्य साथी हरिंद्र कुमार निवासी करामुआ को भी पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया।
पुलिस अधीक्षक बलवीर सिंह ठाकुर ने धारा 489 बी एवं सी के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार करने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि नकली नोटों की खेप लाने वाला कौन है, पड़ताल के लिए टीम लगाई गई है।
सदर थाना प्रभारी लायकराम सिसोदिया ने बताया कि गिरफ्तार अनिल कुमार और हरिंद्र को गिरोह के सरगना ने पिछले महीने एक-एक हजार के 30 नकली नोट थमाए थे।
इन्हें 3000 कमीशन मिलनी थी। गिरफ्तार युवकों के अनुसार वह 1000 रुपये के नकली नोट सब्जी वाले एवं छोटे दुकानदारों के पास चलाते थे।