शिक्षा बोर्ड फर्जीवाड़ा : 104 को बनाया आरोपी, चालान पेश
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड फर्जी प्रमाण पत्र मामले की दूसरी एफआईआर में पुलिस ने 104 को आरोपी बनाया है। इस मामले में विभाग के कई अफसरों के खिलाफ भी अब केस चलेगा। शिक्षा विभाग से अभियोजन स्वीकृति मिलने के बाद धर्मशाला पुलिस ने न्यायालय में आरोपियों के खिलाफ चालान पेश कर दिया है।
पुलिस की एफआईआर में फर्जी प्रमाणपत्र मामले में बोर्ड के अधिकारी, छात्र और डाकिए को भी आरोपी बनाया गया है। इससे पूर्व अभियोजन मंजूरी न मिलने के कारण पुलिस अदालत के समक्ष चालान पेश नहीं कर पा रही थी।
इससे पूर्व भी 50 के कर्मचारियों को आरोपी बनाकर उनके खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया जा चुका हैं। अब अन्य अधिकारियों की अभियोजन मंजूरी मिलने के बाद इनका भी चालान कोर्ट में पेश किया जाएगा।
मामले में हुई थी 249 गिरफ्तारियां
शिक्षा विभाग फर्जी प्रमाण पत्र मामले में जिला पुलिस ने जांच के दौरान 249 के आरोपियों की गिरफ्तारियां की थी। फर्जी प्रमाण पत्र फर्जीवाड़ा 7 सितंबर 2010 को सामने आया था।
इस मामले की पुष्टि के बाद पूरे विभाग की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गई थी। पुलिस की जांच में खुलासा हुआ था किस तरह से बोर्ड के अधिकारियों, कर्मचारियों की मिलीभगत से छात्रों को फर्जी प्रमाण पत्र जारी हुए थे।
पूरे फर्जीवाड़े को अंजाम देने के लिए विभाग के ही आरापी कर्मचारियों ने प्रमाणपत्रों को छात्रों तक पहुंचाने में 10 डाकिए अपने साथ शामिल किए थे। इनका केस में अहम रोल होने के कारण सभी डाकिए आरोपी बनाए गए हैं।
फर्जीवाड़े में तीन केस दर्ज
फर्जी प्रमाण पत्र मामले में धर्मशाला पुलिस ने तीन एफआईआर दर्ज की हैं। इनमें से एक का चालान पहले ही कोर्ट में पेश किया जा चुका है, जबकि दूसरी एफआईआर का चालान बुधवार को पेश किया गया है।
पुलिस के मुताबिक फर्जीवाड़े के तीसरे मामले में भी जांच तकरीबन पूरी हो चुकी है और सभी कानूनी पहलुओं की पड़ताल के बाद इस संबंध में भी अदालत के समक्ष चालान पेश कर दिया जाएगा।
एएसपी डा. शिव कुमार ने बताया कि शिक्षा विभाग फर्जीवाड़े के दूसरे केस में अभियोजन स्वीकृति मिलने के बाद 104 आरोपियों के खिलाफ अदालत में चालान पेश किया गया है। उन्होंने कहा कि तीसरे मामले की जांच भी अंतिम चरण में है।