टेक्नोमैक घोटाले में चौथी गिरफ्तारी, हत्थे चढ़ा डीजीएम स्टोर्स
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सूबे के सबसे बड़े घोटालों में शामिल टेक्नोमैक घोटाले की जांच में सीआईडी को चौथी सफलता मिली है। जांच एजेंसी ने बुधवार को हरियाणा के अंबाला के रहने वाले कंपनी के डीजीएम स्टोर्स राज कुमार सैनी को गिरफ्तार कर लिया है।
सीआईडी के अधिकारी उस पर पेश होने का दबाव बना रहे थे। उसे दो बार पेश होने के लिए समन जारी किया था। दबाव के चलते बुधवार को वह शिमला में सीआईडी मुख्यालय शिमला में पेश हुआ, जहां पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में उसने फर्जी बिल बनाना कबूल कर लिया है।
पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेजा
वीरवार को जांच एजेंसी ने उसे पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पांवटा में फैक्ट्री लगाकर फर्जी दस्तावेजों से करोड़ों का लोन लेकर और सरकार को टैक्स का चूना लगाने के बाद से फरार चल रहे टेक्नोमैक कंपनी के अधिकारियों पर सीआईडी की पकड़ मजबूत होती जा रही है।
जांच एजेंसी ने अब तक निदेशक विनय कुमार, डीजीएम विवेक लाल और एजीएम विवेक गुप्ता की गिरफ्तारी के बाद बुधवार को चौथी गिरफ्तारी की। एसपी क्राइम संदीप धवल ने बताया कि अब तक की जांच में कंपनी के डीजीएम स्टोर्स की अहम भूमिका सामने आ रही थी।
बुधवार को पूछताछ के बाद सीआईडी ने उसे गिरफ्तार कर लिया और वीरवार को शिमला में जिला कोर्ट में पेश किया। सैनी की गिरफ्तारी के बाद अब जांच टीम का फोकस कंपनी के एमडी राकेश शर्मा पर आ गया है। सूत्रों की मानें तो दिल्ली स्थित उसके आवास पर सीआईडी लगातार नजर रखे हुए है।