पहले पैसा लाओ, तभी मिलेगा रिजल्ट
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कांगड़ा के देहरागोपीपुर इलाके के एक निजी संस्थान के निदेशक और प्रिंसिपल के खिलाफ देहरा थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ है। पुलिस ने महिला की शिकायत के बाद वीरवार को यह मामला दर्ज कर लिया।
पुलिस के अनुसार अनु बाला पत्नी राकेश पंवर निवासी नंगनोली तहसील हरोली जिला ऊना ने वीरवार को देहरा में शिकायत दर्ज करवाकर उपमंडल देहरा के एक निजी संस्थान के निदेशक और प्रिंसिपल पर कथित तौर पर धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है।
आरोप है कि प्रिंसिपल और निदेशक रिजल्ट नहीं बता रहे हैं। पैसा देने के बावजूद दोनों टालमटोल कर रहे हैं।
संस्थान से भाषा अध्यापक का किया था कोर्स
महिला का कहना है कि उसने आरोपियों के निजी संस्थान में मई 2011 को भाषा अध्यापक का कोर्स करने के लिए बेटी का दाखिला करवाया था। दाखिले के वक्त आरोपी निदेशक उनके घर आकर मिले थे।
भाषा अध्यापक के कोर्स की फीस के तौर पर उन्होंने 40 हजार रुपये अदा किए थे। इसकी रसीदें भी उनके पास हैं। दो साल बाद संबंधित निजी संस्थान से बेटी ने भाषा अध्यापक का कोर्स पूरा कर लिया।
काफी समय तक जब उनकी बेटी का रिजल्ट नहीं आया तो उन्होंने इस बारे में संस्थान से संपर्क किया। संस्थान के निदेशक और प्रिंसिपल ने रिजल्ट को लेकर आनाकानी शुरू कर दी।
रिजल्ट के नाम पर मांगें दस हजार
कुछ समय बाद उन्होंने संस्थान के निदेशक को कहा कि या तो वे उनकी बेटी का रिजल्ट बता दें या उनके पैसे लौटा दो। इसके बाद संस्थान के लोगों ने उनका फोन उठाना ही बंद कर दिया।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि जब दोबारा उनसे किसी तरह संपर्क किया तो उन्होंने दस हजार रुपये और मांगे। पीड़िता के ससुर ने दस हजार रुपये का चेक काटकर संस्थान को दे दिया। इसके बाद भी उनकी बेटी का रिजल्ट के बारे कुछ नहीं बताया।
अब फिर से पैसों की डिमांड की जा रही है। डीएसपी देहरा बीडी भाटिया ने बताया कि पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।