इंडियन टेक्नोमैक घोटाला मामले में एजीएम गिरफ्तार
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प्रदेश के बहुचर्चित इंडियन टेक्नोमैक कंपनी घोटाले के फर्जी बिल मामले में जांच टीम ने तीसरी गिरफ्तारी की है। स्टेट सीआईडी ने अब इस मामले में कंपनी के एजीएम (अकाउंट) को गिरफ्तार किया है।
आरोपी को अदालत में पेश किया गया। अदालत ने आरोपी को पुलिस रिमांड पर भेज दिया। शिमला से पहुंची जांच टीम ने इस मामले में वीरवार को कंपनी परिसर से कई अहम दस्तावेज बरामद किए हैं।
वर्ष 2014 में कर चोरी का मामला सामने आया था। लगभग 5000 करोड़ रुपये के घोटाला मामले में जांच कर रही सीआईडी टीम ने दिल्ली समेत कई स्थलों पर दबिश दी थी। मामले में पहले बिजली बिल घोटाले की जांच हुई। इसके बाद अब फर्जी बिल मामले की जांच चल रही है।
फर्जी बिल और दस्तावेज तैयार करने का आरोप
मामले में सबसे पहले कंपनी के डायरेक्टर विनय शर्मा, फिर डीजीएम विवेक लाल को गिरफ्तार किया गया था। अब एजीएम (अकाउंट) विवेक गुप्ता की गिरफ्तारी हुई है।
वीरवार को स्टेट सीआईडी की एक टीम ने जगतपुर स्थित इंडियन टेक्नोमैक कंपनी परिसर में दबिश दी। परिसर में गिरफ्तार आरोपी की निशानदेही पर कई अहम सुराग हासिल किए गए हैं।
कंपनी के अधिकारियों पर फर्जी बिल और दस्तावेज तैयार करने का आरोप है। सीआईडी टीम एजीएम से गहन पूछताछ में जुटी है।आरोपियों ने विभिन्न बैंकों से करोड़ों का ऋण लेने के लिए फर्जी बिल, टर्न ओवर और गलत बैलेंस शीट समेत दस्तावेजों को तैयार किया था।
फर्जी बिल तैयार करने के मामले में अब कुछ और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है। उधर, एसपी सीआईडी क्राइम संदीप धवल ने कहा कि आरोपी को अदालत से पुलिस रिमांड मिली है। उससे पूछताछ की जा रही है।