हत्याकांड से पहले ढली बाईपास में की मीट और शराब की पार्टी, पूछताछ में आरोपियों ने किया खुलासा
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इनमें से एक शराब नहीं पीता था। इसके बाद दोनों गाड़ियां गंतव्य की ओर चल पड़ी। आरोपियों का कहना है कि शोघी - मैहली बाईपास रोड पर शील गांव के पास नवीन का टेंपो असंतुलित हो गया। टेंपो का एक टायर सड़क से बाहर चला गया।
टेंपो को सड़क पर लाने के लिए उन्होंने उनसे मदद मांगी। इस पर आरोपी भी मौके पर पहुंचे और टेंपो को सड़क पर लाने की कोशिश करने लगे। आरोपी नरेश का कहना है कि जब काफी कोशिशों के बाद टेंपो सड़क पर नहीं ला पाए तो नवीन गाली गलौज करने लगा।
आरोपियों ने उगले ये राज
इस पर उसने गुस्से में आकर ट्रक से रॉड (पाना) निकाला और उस पर हमला कर दिया। बीच बचाव करने जब चंद्रपाल आया तो उस पर भी वार किए और उनकी मौत हो गई। इसके बाद इन्हें उठाकर गहरी खाई में फेंक दिया।
उनके मोबाइल और नगदी भी छीन ली। इनके मोबाइल जंगल में फेंक दिए। शुरुआती पूछताछ में यह बात आरोपियों ने पुलिस से कही है। इसमें कई कमजोर पेंच हैं, लिहाजा जांच टीम के गले से यह बात नहीं उतर रही है।
आरोपियों का अस्पताल में मेडिकल करवाया गया इसके बाद जज के पास पेश किया। अदालत ने इन्हें चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा है। जांच टीम का कहना है कि रिमांड के दौरान अब इस मामले से जुड़े कुछ नए तथ्य सामने आने की उम्मीद है।
जांच टीम के गले नहीं उतर रही कहानी
जांच टीम के गले आरोपियों की यह कहानी नहीं उतर रही है क्योंकि इतनी बात पर कोई इस बेरहमी से हत्या नहीं करता। कत्ल की मुख्य वजह क्या हो सकती है यह सच उगालने के लिए पुलिस के पास चार दिन है।
साजिश में कोई और भी शामिल है और शराब -मीट की पार्टी आरोपियों की ओर से क्या इसी वजह से दी गई थी कि इन्हें शराब पिलाकर आराम से कत्ल किया जा सके? आखिर उन्होंने इस जघन्य हत्याकांड को क्यों अंजाम दिया। अब तक इनके पास से मारे गए जीजा साले के मोबाइल भी नहीं मिले हैं।
इन्हें ढूंढा जा रहा है। हत्या में इस्तेमाल की गई लोहे की राडों को भी अभी कब्जे में लेना है। पुलिस को मौके पर से लकड़ी के फट्टे मिले हैं। सड़क पर खून के निशान थे जिससे साबित हो रहा है कि सड़क पर ही इन्हें मारना शुरू किया था।
पुलिस की गिरफ्त में आए दोनों आरोपियों का फिलहाल पहले का कोई आपराधिक मामला भी सामने नहीं आया है। सिरमौर पुलिस से इनके पिछले आपराधिक रिकार्ड का विवरण मांगा गया है।
एक अधेड़ और उसका साथी कैसे दो युवकों का कत्ल एक साथ कर सकता है इस पर भी संशय बरकरार है। लिहाजा पुलिस इस मामले में फूंक फूंक कर कदम रखकर आगे जांच बढ़ा रही है। आने वाले दिन में इसमें कई नए खुलासे होने की उम्मीद है।
क्या कहता है पुलिस प्रशासन
एएसपी सिटी प्रवीर ठाकुर ने कहा कि चार दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया है। अब तक आरोपियों ने बताया कि वारदात वाली रात इन्होंने ढली बाईपास पर मीट और शराब पी। इनमें से एक व्यक्ति शराब नहीं पीता था।
उसके बाद नवीन की गाड़ी खराब हो गई थी जब वह उसकी मदद कर रहे थे तो उसने गाली गलौज किया। इस पर गुस्से में आकर ये हत्याएं कर दी गईं। हकीकत क्या है आने वाले दिनों में साफ हो जाएगा। पुलिस हर पहलू पर जांच कर रही है।
वीरवार को नवीन और चंद्रपाल नाहन से फ्लोर मिल से आटे की सप्लाई लेकर करसोग के लिए निकले। इसी दिन राकेश और नरेश भी उसी फ्लोर मिल से आटे की सप्लाई लेकर किंगल की ओर निकले।
लौटने पर आरोपी नरेश ने नवीन को कॉल करके कहा कि ढली बाईपास रोड पर मिलते हैं और वहीं से साथ चलते हैं। इस दौरान कई बार मोबाइल पर उनकी बात हुई। मैहली से आगे जाने के बाद शीलगांव में जीजा-साले की बेरहमी से हत्या कर दी गई।
हत्या के अगली रात पुलिस ने सिरमौर में राकेश और नरेश को उनके घरों से पकड़ लिया और लूट का पैसा भी बरामद कर लिया।