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एचपीयू में हवन, भंडारे पर विवाद; छात्र संगठन भिड़े
Updated Mon, 26 Mar 2018 10:55 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। विवि में एबीवीपी के हवन और भंडारे पर बवाल मच गया है। इस पर एसएफआई और एबीवीपी कार्यकर्ताओं में विवाद हो गया। परिसर में दोनों संगठनों के कार्यकर्ताओं के बीच सोमवार को हाथापाई हो गई। विधि विभाग के मुख्य गेट के बाहर नारेबाजी और प्रदर्शन किया। छात्र गुटों में हाथापाई होने से परिसर में तनाव बन गया। पुलिस और विवि सुरक्षा कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर मामले को शांत किया। सुबह करीब सवा दस बजे एसएफआई कार्यकर्ता शिक्षण संस्थान में हवन और भंडारे के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे। एबीवीपी के कार्यकर्ता गेट पर अड़े हुए थे और हवन तथा भंडारे में व्यवधान डालने के अलावा शिक्षकों के साथ दुर्व्यवहार करने वाले एसएफआई कार्यकर्ताओं को शिक्षकों से माफी मांगने की मांग कर रहे थे। प्रदर्शन करीब ग्यारह बजे तक चलता रहा।
ग्यारह बजे आम छात्र कक्षाओं में जा सके। विवि सुरक्षा अधिकारी डीएसपी सुरेश चौहान ने माना कि दोनों संगठनों के कार्यकर्ता विधि विभाग के प्रांगण में नारेबाजी कर रहे थे। इस बीच दोनों गुटों के बीच बहसबाजी हुई। हाथापाई भी हुई। मौके पर मौजूद पुलिस और सुरक्षा कर्मियों ने दोनों को हटाया और विधि विभाग से बाहर किया। क्यूआरटी, थाना बालुगंज और समरहिल चौकी से भी पुलिस कर्मी पहुंच गए थे। दोपहर बाद तक कैंपस में सुरक्षा इंतजाम कड़े कर दिए गए थे। डीएसपी सुरेश चौहान ने कहा कि भंडारे और हवन करवाने पर यह विवाद खड़ा हुआ है।
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अधिष्ठाता छात्र कल्याण ने साढ़े ग्यारह बजे बुलाई बैठक
विधि विभाग में हवन और भंडारे पर खड़े हुए विवाद पर मंगलवार को साढ़े ग्यारह बजे डीएसडब्ल्यू कार्यालय में छात्र संगठन प्रतिनिधियों, एससीए पदाधिकारियों और सुरक्षा अधिकारी के साथ बैठक बुलाई है। इसमें एसएफआई और एबीवीपी के इकाई अध्यक्ष और सचिव को बुलाया गया है। अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. सुनील देष्टा ने कहा कि दो छात्रों ने शिक्षण संस्थान में हवन और भंडारा किए जाने को लेकर शिकायत दी है।
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एबीवीपी ने विभागाध्यक्ष से ली थी भंडारे की अनुमति
विधि विभागाध्यक्ष प्रो. कमलजीत सिंह ने माना कि एबीवीपी ने विधि विभाग में भंडारा करवाने की अनुमति ली थी। हर साल इसी तरह से छात्र संगठन अष्टमी को भंडारा करवाते थे, हवन की अनुमति नहीं मांगी गई थी। उन्होंने कहा कि यह छात्र संगठनों को आपसी विवाद है।
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शिमला। विवि में एबीवीपी के हवन और भंडारे पर बवाल मच गया है। इस पर एसएफआई और एबीवीपी कार्यकर्ताओं में विवाद हो गया। परिसर में दोनों संगठनों के कार्यकर्ताओं के बीच सोमवार को हाथापाई हो गई। विधि विभाग के मुख्य गेट के बाहर नारेबाजी और प्रदर्शन किया। छात्र गुटों में हाथापाई होने से परिसर में तनाव बन गया। पुलिस और विवि सुरक्षा कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर मामले को शांत किया। सुबह करीब सवा दस बजे एसएफआई कार्यकर्ता शिक्षण संस्थान में हवन और भंडारे के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे। एबीवीपी के कार्यकर्ता गेट पर अड़े हुए थे और हवन तथा भंडारे में व्यवधान डालने के अलावा शिक्षकों के साथ दुर्व्यवहार करने वाले एसएफआई कार्यकर्ताओं को शिक्षकों से माफी मांगने की मांग कर रहे थे। प्रदर्शन करीब ग्यारह बजे तक चलता रहा।
ग्यारह बजे आम छात्र कक्षाओं में जा सके। विवि सुरक्षा अधिकारी डीएसपी सुरेश चौहान ने माना कि दोनों संगठनों के कार्यकर्ता विधि विभाग के प्रांगण में नारेबाजी कर रहे थे। इस बीच दोनों गुटों के बीच बहसबाजी हुई। हाथापाई भी हुई। मौके पर मौजूद पुलिस और सुरक्षा कर्मियों ने दोनों को हटाया और विधि विभाग से बाहर किया। क्यूआरटी, थाना बालुगंज और समरहिल चौकी से भी पुलिस कर्मी पहुंच गए थे। दोपहर बाद तक कैंपस में सुरक्षा इंतजाम कड़े कर दिए गए थे। डीएसपी सुरेश चौहान ने कहा कि भंडारे और हवन करवाने पर यह विवाद खड़ा हुआ है।
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अधिष्ठाता छात्र कल्याण ने साढ़े ग्यारह बजे बुलाई बैठक
विधि विभाग में हवन और भंडारे पर खड़े हुए विवाद पर मंगलवार को साढ़े ग्यारह बजे डीएसडब्ल्यू कार्यालय में छात्र संगठन प्रतिनिधियों, एससीए पदाधिकारियों और सुरक्षा अधिकारी के साथ बैठक बुलाई है। इसमें एसएफआई और एबीवीपी के इकाई अध्यक्ष और सचिव को बुलाया गया है। अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. सुनील देष्टा ने कहा कि दो छात्रों ने शिक्षण संस्थान में हवन और भंडारा किए जाने को लेकर शिकायत दी है।
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एबीवीपी ने विभागाध्यक्ष से ली थी भंडारे की अनुमति
विधि विभागाध्यक्ष प्रो. कमलजीत सिंह ने माना कि एबीवीपी ने विधि विभाग में भंडारा करवाने की अनुमति ली थी। हर साल इसी तरह से छात्र संगठन अष्टमी को भंडारा करवाते थे, हवन की अनुमति नहीं मांगी गई थी। उन्होंने कहा कि यह छात्र संगठनों को आपसी विवाद है।