33 करोड़ के घोटाले का आरोपी सचिव गिरफ्तार, पढ़ें पूरा मामला
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हिमाचल के बिलासपुर जिले में 33 करोड़ के घोटाले को अंजाम देने वाले सचिव को आखिरकार चार माह बाद गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को शनिवार को घुमारवीं अदालत में पेश करने के बाद आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
कोट थाना प्रभारी कुलदीप कुमार ने मामले की पुष्टि की है। तलाई ग्राम सेवा सहकारी सभा में हुए करोड़ों रुपयों के घोटाले के उजागर होने के बाद थाना तलाई में धोखाधड़ी व जालसाजी करने पर सभा सचिव राजेश पटियाल पर धारा 420 व 406 के तहत मामला दर्ज किया गया था।
सभा सचिव की ओर से 32,71,90,269.50 रुपयों का गबन किया गया था और उसे तुरंत प्रभाव से अपने पद से हटा दिया गया था। आरोपी उच्च न्यायालय से जमानत पर था। शुक्रवार को हुई पेशी में उसकी अर्जी को रद्द कर दिया गया और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
ऐसे सामने आया मामला
बता दें जिला अंकेक्षण अधिकारी व जिला निरीक्षक सहकारी सभाएं बिलासपुर की ओर से 14 मार्च 2019 को दी गई अपनी रिपोर्ट में यह खुलासा किया गया था। गबन के आरोप में 16 मार्च को एफआईआर दर्ज करवाई गई। मामले में तत्कालीन प्रबंध कमेटी की संलिप्तता व लापरवाही सामने आने के कारण कमेटी को विभाग ने मुक्त कर दिया और कार्य को सुचारु रूप से चलाने के लिए एक नई कार्यकारिणी का गठन कर दिया गया।
माननीय उच्च न्यायालय के इस फैसले का संघर्ष समिति सहकारी सभा तलाई के प्रधान कैप्टन प्रकाश चंद बन्याल नव नियुक्त प्रबंध समिति के प्रधान जसवंत सिंह बन्याल, उप प्रधान विजय कुमार शर्मा, कैप्टन परमजीत सिंह, रमेश कुमार, बलदेव कुमार, केडी भारद्वाज अशोक शर्मा, सहित नंद लाल, कर्म चंद, जसपाल, श्याम सिंह, अमरनाथ, भाग सिंह, बीरबल, यशपाल, प्रकाशो देवी, सतीश कुमार, सहित अन्य खाताधारकों ने स्वागत किया है।