उद्योगपति ने की 20 करोड़ की टैक्स चोरी, ऐसे हुआ पर्दाफाश
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केंद्रीय बिक्री कर का बीस करोड़ का टैक्स फ्रॉड सामने आया है। शातिर उद्योगपति की हेराफेरी का इस तरह पर्दाफाश हुआ। मामला हिमाचल के सोलन जिले के औद्योगिक क्षेत्र बद्दी का है। शातिर उद्योगपति ने दस्तावेजों में बाहरी राज्य की तीन फर्जी कंपनियां दर्शाकर बीस करोड़ का सामान बेच दिया। गुप्त शिकायत पर आबकारी एवं कराधान विभाग परवाणू के उड़नदस्ते की जांच में यह खुलासा हुआ है।
विभाग ने उद्यमी को 1.26 करोड़ टैक्स और जुर्माना लगाया है जिसमें 46 लाख रुपये वसूल कर लिए हैं। शेष 80 लाख रुपये जमा करने के लिए उद्योगपति को दो महीने का समय दिया गया है। विभाग के उप आयुक्त डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि गुप्त सूचना देने वाले ने बिक्री किए गए सामान, बिल और अन्य सूचनाओं को शेयर किया था, जिनके आधार पर जांच की गई।
ऐसे किया फर्जीवाड़ा
बाहरी प्रदेशों में दर्शाई गईं कंपनियों के अतिरिक्त सामान ढोने के लिए प्रयोग की गईं गाड़ियों का रिकॉर्ड खंगाला गया। अन्य प्रदेशों के वाणिज्य कर विभागों से संपर्क किया गया। इस फर्जीवाड़े को पकड़ने में आबकारी एवं कराधान अधिकारी अमित शोष्टा और निरीक्षक अमित कश्यप की प्रमुख भूमिका रही।
प्रदेश में तैयार उत्पाद को बाहरी राज्य के किसी भी पंजीकृत डीलर को बेचा जाए तो उस पर 1.5 फीसदी केंद्रीय बिक्री कर लगता है। अगर प्रदेश के भीतर बेचा जाए तो उस पर पांच फीसदी वैट है। ऐसे में उद्यमी ने बाहर की फर्जी कंपनियों को बीस करोड़ का
सामान देकर 1.5 फीसदी केंद्रीय कर चुका दिया। असल में यह सामान हिमाचल में बेचा गया और पांच फीसदी टैक्स के बजाय अपनी देनदारी 1.5 फीसदी से ही निपटा दी। इससे सरकारी खजाने को 3.5 फीसदी बिक्री कर का चूना लगा।