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चरस माफिया से तो नहीं जुड़े नकली नोटों के तार
Updated Fri, 27 Apr 2018 01:04 PM IST
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गोहर (मंडी)। जिले में नकली नोटों के मामले के तार विश्वभर में चरस तस्करी के गढ़ के रूप में प्रसिद्ध कुल्लू के मलाणा से भी जुड़े हो सकते हैं। बगस्याड़ में दो हजार रुपये के नकली नोट समेत गिरफ्तार किए गए आरोपी ने पुलिस की पूछताछ में दावा किया है कि उसे ये नोट मलाणा में मिले हैं। बकौल आरोपी वहां वह मजदूरी करने गया था। इसी दौरान ये नोट उसे गिरे हुए मिले हैं। हालांकि, अभी तक मजदूरी के पैसे उसे अभी तक नहीं मिले हैं। उधर, आरोपी का बयान पुलिस के गले नहीं उतर रहा है। आखिर मलाणा जैसे जंगलों में कोई दो-दो हजार के नकली नोट क्यों फेंकेगा। लिहाजा, पुलिस की जांच अब चरस तस्करी की ओर भी मुड़ गई है। कुल्लू के मलाणा की चरस विश्व भर में मशहूर है और चरस माफिया में मलाणा क्रीम की अच्छी खासी डिमांड और मुंहमांगी कीमत है। वहीं, अब पुलिस इस पहलू पर भी जांच कर रही है कि कहीं आरोपी लाल सिंह के मलाणा में चरस माफिया के साथ तार तो नहीं जुड़े हैं? यह पैसा किसी चरस माफिया का तो नहीं है? वहीं, पुलिस मंडी में दो माह पहले नकली नोटों के साथ धरे गए शातिरों के साथ भी आरोपी का कनेक्शन ढूंढने में लगी हुई है। उधर, एसपी मंडी गुरदेव चंद ने कहा कि पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
लाल सिंह ने 2016 में खोला है खाता
बैंक मैनेजर ग्रामीण बैंक थुनाग संजय कुमार डुगरू ने बताया कि 2016 में लाल सिंह ने उनके बैंक में खाता खोला था। उन्होंने कहा कि खाताधारक अक्सर बैंक में पैसे जमा करवाता रहता है। बैंक का वह रूटीन कस्टमर है। उधर, पुलिस ने नकली नोटों की खेप को फोरेंसिक लैब मंडी भेज दिया है।
नकली नोटों का नेटवर्क सक्रिय
मंडी में नकली नोटों का नेटवर्क सक्रिय है। दो माह में नकली नोटों का यह दूसरा मामला पकड़ा गया है। पहले मामले में नेरचौक क्षेत्र के एक बैंक में 36,500 के नकली नोट शातिर जमा करवा गया था। मामला पकड़ में आने के बाद पुलिस तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान पुलिस ने मंडी शहर में दबिश देते हुए नकली नोट बनाने का गोरखधंधे का भंडाफोड़ किया था। अब यह दूसरा मामला सामने आने के बाद जांच एजेंसियों के कान भी खड़े हो गए हैं।
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लाल सिंह ने 2016 में खोला है खाता
बैंक मैनेजर ग्रामीण बैंक थुनाग संजय कुमार डुगरू ने बताया कि 2016 में लाल सिंह ने उनके बैंक में खाता खोला था। उन्होंने कहा कि खाताधारक अक्सर बैंक में पैसे जमा करवाता रहता है। बैंक का वह रूटीन कस्टमर है। उधर, पुलिस ने नकली नोटों की खेप को फोरेंसिक लैब मंडी भेज दिया है।
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नकली नोटों का नेटवर्क सक्रिय
मंडी में नकली नोटों का नेटवर्क सक्रिय है। दो माह में नकली नोटों का यह दूसरा मामला पकड़ा गया है। पहले मामले में नेरचौक क्षेत्र के एक बैंक में 36,500 के नकली नोट शातिर जमा करवा गया था। मामला पकड़ में आने के बाद पुलिस तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान पुलिस ने मंडी शहर में दबिश देते हुए नकली नोट बनाने का गोरखधंधे का भंडाफोड़ किया था। अब यह दूसरा मामला सामने आने के बाद जांच एजेंसियों के कान भी खड़े हो गए हैं।
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