सीपीसीबी के निशाने पर हिमाचल, इन शहरों में होगी जांच
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दिवाली के बाद पंजाब और हिमाचल प्रदेश में प्रदूषण की मात्रा की जांच के लिए राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने विशेष टीमों का गठन कर दिया है। ये टीमें दोनों राज्यों के छोटे शहरों में भी वायु और ध्वनि प्रदूषण की मात्रा का जांच करेंगी और इस संबंध में रिपोर्ट सीपीसीबी को सौंपी जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर आगे बढ़ते हुए सीपीसीबी ने यह कदम उठाया है। विशेष टीमें यह जांच करेंगी कि पटाखे चलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित की गई अवधि के बाद इनसे क्षेत्र की वायु में प्रदूषण और ध्वनि की मात्रा में क्या असर हुआ। वायु प्रदूषण और ध्वनि की मात्रा में अगर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के चलते कमी आई होगी, तो टीम उसकी भी रिपोर्ट तैयार करेगी।
इस फैसले के तहत पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीपीसीबी) द्वारा प्रदेश के पांच शहरों में 1-15 नवंबर तक प्रदूषण की मात्रा का अध्ययन किया जाएगा। यह शहर हैं- पटियाला, मंडी गोबिंदगढ़, लुधियाना, जालंधर और अमृतसर। इसके अलावा कुछ टीमें राज्य के अन्य शहरों में भी वायू प्रदूषण का आंकलन करेंगी। ध्वनि प्रदूषण के आकलन के लिए पंजाब के 11 शहरों में 1-7 नवंबर तक जांच होगी।
यह शहर हैं- जालंधर, अमृतसर, होशियारपुर, लुधियाना, पटियाला, बठिंडा, मंडी गोबिंदगढ़, मोहाली, संगरूर, फरीदकोट और बटाला। हिमाचल प्रदेश में भी सीपीसीबी की तरफ से 12 स्थानों पर 31 अक्तूबर से 14 नवंबर तक वायू और ध्वनि प्रदूषण की जांच की जाएगी। यह स्थान हैं- शिमला, परवाणू, जसूर, पांवटा साहिब, काला अंब, बद्दी, नालागढ़, सुंदरनगर, मनाली, ऊना और धर्मशाला।