पुलिस चाहती तो बच सकती थी नोमान की जान
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ऑल हिमाचल मुस्लिम वेलफेयर सोसायटी के प्रदेश अध्यक्ष नसीम मोहम्मद दीदान ने कहा कि देश का संविधान सर्वोपरि है। कोई भी संस्था, संगठन व व्यक्ति संविधान से ऊपर नहीं है। लेकिन एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या किए जाने का यह विशेषाधिकार उनके पास कहां से आया? उपायुक्त इस संगीन मामले पर उच्च स्तरीय जांच बिठाएं।
शनिवार को यहां जारी बयान में दीदान ने कहा कि आसमाजिक तत्व देश के विभिन्न धर्मों के समुदायों के बीच सद्भावना व सौहार्द में जहर घोलकर राष्ट्रीय एकता को कमजोर व शांति को भंग करने का प्रयास कर रहे हैं। सोसायटी गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध का समर्थन करती है। उन्होंने पुलिस कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े करते हुए कहा कि मारपीट का शिकार नोमान की गंभीर हालत को पुलिस ने नजरअंदाज किया।
अगर उसे समय रहते पीजीआई चंडीगढ़ व आईजीएमसी शिमला इलाज के लिए भेज जाता तो उसकी जान बच जाती। कानून हाथ में लेकर किसी को पीट-पीटकर मारना घोर निंदनीय है। सोसायटी ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि गाड़ी के पीछे स्कारपियो दौड़ाने वाले बजरंग दल के नामजद आधा दर्जन युवाओं को पुलिस गिरफ्तार क्यों नहीं कर रही है। पुलिस द्वारा अज्ञात लोगों पर मामला दर्ज करना सवालिया निशान खड़े करता है।
पशु तस्करी रोकने का काम जिला प्रशासन का : अनिल
वहीं, पशुपालन मंत्री अनिल शर्मा ने कहा है कि पशु तस्करी को रोकना पशुपालन विभाग का नहीं, प्रशासन का काम है। उन्होंने नाहन में हुई घटना पर अफसोस जताते हुए कहा कि घटना पर कड़ा संज्ञान लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि गायों की नस्लों को सुधारने के लिए सरकार काम कर रही है। इसके लिए ब्रीडिंग पॉलिसी को जल्दी लागू किया जाएगा।
यह बात ग्रामीण विकास एवं पशुपालन मंत्री अनिल शर्मा ने सोमवार को शिमला में हिमाचल प्रदेश पशु चिकित्सा परिषद की ओर से ‘समकालीन पशु चिकित्सा विषय’ पर आयोजित सेमीनार के दौरान कही। इस सेमीनार में प्रदेशभर से 145 पशु चिकित्सकों ने भाग लिया। शर्मा ने कहा कि पशु चिकित्सकों को पशुधन मालिकों को ग्राहक न मानकर सहयोगी के तौर पर देखना चाहिए।