{"_id":"5bf2e557bdec221e2f5b6da3","slug":"court-order-to-take-policy-decision-in-one-month-to-stop-illegal-construction","type":"story","status":"publish","title_hn":"अवैध निर्माण रोकने को एक माह में नीतिगत फैसला लेने के आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अवैध निर्माण रोकने को एक माह में नीतिगत फैसला लेने के आदेश
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Updated Tue, 20 Nov 2018 05:00 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को अवैध निर्माणों को रोकने के लिए एक महीने के भीतर नीतिगत फैसला लेने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने स्वीकृत नक्शों से बाहर किए गए निर्माणों को नॉन कंपाउंडेबल बनाने को भी कहा है।
विज्ञापन
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की खंडपीठ ने जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान यह आदेश पारित किए। मामले पर आगामी सुनवाई आठ जनवरी को होगी।
विज्ञापन
कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि उल्लंघन करने वालों के पास अवैध निर्माण वाला हिस्सा तोड़ने के सिवाय कोई चारा न रहे। ऐसे में स्वीकृत नक्शे से बाहर हुए निर्माण को नॉन कंपाउंडेबल बनना चाहिए। कोर्ट ने इन आदेशों की अनुपालना रिपोर्ट शपथपत्र के माध्यम से कोर्ट के समक्ष रखने के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन
कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्मित क्षेत्र की स्वीकृति की सीमा, निर्मित क्षेत्र के लिए स्वीकृत विकास योजना, अवैध निर्माण करने पर अलग से जुर्माना व मंजूर की गई विकास योजना का उल्लंघन करने वाले पर जुर्माना लगाने का नीतिगत फैसला लेने के आदेश दिए हैं।