{"_id":"127df156c5a727b0eed3c2cd1748948d","slug":"cm-virbhadra-singh-seeks-report-of-lada-local-area-development-authority-fund-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रोजेक्टों से गांवों को मिली राशि का पूरा ब्योरा तलब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रोजेक्टों से गांवों को मिली राशि का पूरा ब्योरा तलब
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Wed, 10 Feb 2016 11:45 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश की जल विद्युत परियोजनाओं के आसपास के क्षेत्रों में स्थानीय क्षेत्र विकास प्राधिकरण (लाडा) के तहत खर्च की गई धनराशि का विवरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने हड़सर में भेड़ धुलाई केंद्र यानी शीप वाशिंग फार्म के निर्माण करने को भी कहा।
विज्ञापन
उन्हें अवगत करवाया गया कि इसका मामला वन मंजूरी के लिए भेजा गया है और शीघ्र ही इस केंद्र का निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने बुधवार को यहां शिमला में आयोजित गद्दी कल्याण बोर्ड की 16वीं राज्यस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए धर्मशाला के दाड़ी स्थित जनजातीय भवन की चारदीवारी के निर्माण और फर्नीचर के लिए 20 लाख रुपये की घोषणा की।
विज्ञापन
इसका हाल ही में लोकार्पण किया गया था। उन्होंने चंबा जिले के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला गरोला में विज्ञान की कक्षाएं आरंभ करने की घोषणा की और चंबा के राजकीय माध्यमिक पाठशाला फगोट के स्तरोन्यन की रिपोर्ट भी मांगी। उन्होंने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला उतराला में विज्ञान की कक्षाएं शुरू करने के भी निर्देश दिए।
विज्ञापन
इस अवसर पर पालमपुर के बंदला सूरड और उतराला में शीप वाशिंग फार्म की मरम्मत के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करवाने का निर्णय भी लिया गया। वीरभद्र सिंह ने कहा कि सरकार गैर जनजातीय क्षेत्रों जहां गद्दी समुदायों की अधिकांश आबादी है, उनको विकसित करने के प्रयास कर रही है। इस समुदाय के 924 ऐसे गांव हैं, जो गैर जनजातीय क्षेत्रों के तहत आते हैं।
ऐसे 40 प्रतिशत से अधिक की आबादी वाले क्षेत्रों को विकसित करने और गैर जनजातीय गद्दियों को लाभान्वित करने के लिए सड़कों के निर्माण पर चार करोड़ रुपये, पेयजल एवं सिंचाई योजनाओं पर 75 लाख रुपये, कृषि एवं बागवानी पर 2.45 करोड़ रुपये, पशुपालन पर 85 लाख रुपये और सार्वजनिक भवनों के निर्माण पर 1.37 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सर्दियों के दौरान जब गद्दी समुदाय के लोग अपनी भेड़-बकरियों को निचले क्षेत्रों में ले जाते हैं, उनको संरक्षण प्रदान किया जाए। वूल फेडरेशन के अध्यक्ष रघुवीर सिंह ठाकुर ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया तथा गद्दी समुदाय के कल्याण के लिए कार्यान्वित की जा रही योजनाओं की जानकारी दी।
भेड़पालकों को तंबू की सुविधा देने के निर्देश- मुख्यमंत्री ने पालमपुर, बंदला, कंदवाड़ी, राख, जिया, लदराला, धुनेट और घरोट गांवों के भेड़पालकों को तंबू की सुविधा प्रदान करने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। वीरभद्र सिंह ने ग्राम पंचायत दराटी में दाडी माता के लिए संपर्क सड़क के निर्माण के लिए 10 दिनों के भीतर संयुक्त निरीक्षण के निर्देश दिए।
उन्होंने प्राक्कलन सहित धर्मशाला में भागसूनाग से चैहला तक बाईपास का सर्वेक्षण करने के भी निर्देश दिए। इस अवसर पर अलेनमाली-बाथड़ी-मलुंडा सड़क का प्राक्कलन प्रस्तुत करने को भी कहा गया। बैठक में बैजनाथ के समीप उतराला दर्रा में दूरवर्ती गांवों लोट और करोट के लिए सड़क का सर्वेक्षण करने का निर्णय भी लिया गया।
चंबा के ललोट-बरोटी में आयुर्वेदिक औषधालय- वीरभद्र सिंह ने चंबा जिले के सलूणी की ग्राम पंचायत ललोट-बरोटी में आयुर्वेदिक औषधालय खोलने और चंबा जिले के पलयूड के नाग मंदिर में सामुदायिक सराय भवन के निर्माण का सर्वेक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने गुलदी से थपनाली तक खच्चर मार्ग का निर्माण करने के भी निर्देश दिए। बैठक में यह भी सूचित किया गया कि लोधवां होते हुए नूरपुर से इंदौरा के बीच हिमाचल पथ परिवहन निगम की बस सेवा आरंभ कर दी गई है।
ये भी लिए गए फैसले- मुख्यमंत्री ने ग्राम पंचायत गगवाल के इंदौरा वार्ड में जहां अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लोगों की 95 प्रतिशत से अधिक आबादी है, उनमें हैंडपंपों की स्थापना के निर्देश दिए। इस अवसर पर भरमौर में डिबड़ी से गोंथ गांव तक नई पाइप लाइन बिछाने के लिए पांच लाख रुपये प्रदान करने का निर्णय लिया गया। कांगड़ा के शाहपुर की ग्राम पंचायत सिंहुआ में दो हैंडपंपों की स्थापना का निर्णय भी लिया गया।