फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   CM Virbhadra Singh chargesheeted in Disproportionate assets case

हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका, सीएम वीरभद्र समेत नौ लोगों के खिलाफ चलेगा केस

Sat, 01 Apr 2017 08:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Updated Sat, 01 Apr 2017 08:43 AM IST
विज्ञापन
CM Virbhadra Singh chargesheeted in Disproportionate assets case

दिल्ली हाईकोर्ट ने आय से अधिक संपत्ति मामले में हिमाचल के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह को किसी भी तरह की राहत देने से इनकार कर दिया है। अदालत ने दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने से इनकार करते हुए स्पष्ट कर दिया कि सीबीआई को इस मामले की जांच करने का अधिकार है। इसके बाद सीबीआई ने वीरभद्र सिंह, उनकी पत्नी सहित नौ लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है।

विज्ञापन


पटियाला हाउस स्थित सीबीआई के विशेष न्यायाधीश वीरेंद्र कुमार गोयल के समक्ष दायर चार्जशीट में वीरभद्र समेत नौ लोगों को आरोपी बनाया गया है। अदालत ने मामले की सुनवाई शनिवार तय की है। सीबीआई ने इन सभी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत 109, 465, 471 और भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धारा 13(2), उपधारा 13(1)(ई) के प्रावधानों के तहत आरोप पत्र दायर किया है। 
विज्ञापन


अपनी रिपोर्ट में सीबीआई ने करीब 222 गवाहों की भी सूची पेश की है। इससे पूर्व शुक्रवार सुबह हाईकोर्ट ने वीरभद्र व उनकी पत्नी की उस याचिका को खारिज कर दिया था जिसमें उन्होंने सीबीआई जांच, दिल्ली अदालत में सुनवाई व राज्य सरकार की बिना अनुमति के जांच को चुनौती याचिका खारिज कर दी थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

192 फीसदी अधिक पाई गई है सीएम की इनकम

CM Virbhadra Singh chargesheeted in Disproportionate assets case

साथ ही अदालत ने उन्हें प्रदान अंतरिम राहत संबंधी आदेश भी वापस ले लिया था। इस फैसले के तुरंत बाद सीबीआई ने अपना पहले से ही तैयार आरोप पत्र दायर कर दिया। सीबीआई ने आरोप पत्र में तर्क रखा है कि वीरभद्र सिंह 28 मई 2009 से 18 जनवरी 2011 और 19 जनवरी 2011 से 26 जून 2012 के दौरान केंद्र सरकार में बतौर मंत्री थे।

सीबीआई ने अनुसार आरंभिक जांच में पाया गया कि वीरभद्र सिंह ने 2009 से 2012 तक केंद्रीय मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान 6.03 करोड़ रुपये की संपत्ति कथित तौर पर आय से अधिक अर्जित की थी। सीबीआई के अनुसार जांच में पता चला कि उनकी आय 192 प्रतिशत अधिक पाई गई है। सीबीआई ने आरोप पत्र में तर्क रखा है कि पेश गवाहों के बयानों, दस्तावेजों के आधार पर उपरोक्त आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त साक्ष्य हैं और उनके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाए।

चार्जशीट में इनके नाम

CM Virbhadra Singh chargesheeted in Disproportionate assets case

सीबीआई की ओर से दाखिल चार्जशीट में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह, एलआईसी एजेंट आनंद चौहान उनके सहयोगी चुन्नी लाल, जोगिन्द्र सिंह घट्टा, प्रेमराज, लवन कुमार रोच, वकामुल्ला चंद्रशेखर और राम प्रकाश भाटिया शामिल हैं। 

23 सितंबर 2016 को दर्ज हुआ था केस 
सीबीआई ने 23 सितंबर 2016 को वीरभद्र सिंह, उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह, एलआईसी एजेंट आनंद चौहान और एक सहयोगी चुन्नी लाल के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था।

आनंद चौहान के खिलाफ दूसरा मामला 
एलआईसी एजेंट आनंद चौहान के खिलाफ यह दूसरा मामला है। उनके खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय ने 6 सितंबर 2016 को मनी लांड्रिंग प्रीवेंशन एक्ट (पीएमएलए) के तहत आरोपपत्र दायर किया था।

हाईकोर्ट की डबल बैंच या सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दूंगा: वीरभद्र

CM Virbhadra Singh chargesheeted in Disproportionate assets case

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि सीबीआई मामले में जीत सच्चाई की ही होगी। यह पालिटिकल वेंडेटा है। सीबीआई के साथ तीन केंद्रीय एजेंसियां एक मामले की बार-बार जांच कर रही हैं। मेरे खिलाफ कार्रवाई राजनीतिक साजिश के तहत की जा रही है।

मैं कानूनी लड़ाई लड़ने का आदी हूं। इससे डरने की बात नहीं है। दिल्ली हाईकोर्ट का जो फैसला आया है, उसे डबल बैंच या सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे सकता हूं। इस बारे में कानूनी राय-मशविरा करूंगा। 

क्या बोले धूमल- नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि जब वीरभद्र सिंह के पक्ष में फैसला आता है तो उसे ठीक बताते हैं, लेकिन जब फैसला उनके खिलाफ आता है तो इसे राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से फैसला देने की बात कहते हैं। मामला कोर्ट में विचाराधीन है। इस पर कुछ नहीं कहा जा सकता।

वीरभद्र की जज को मामले से अलग होने संबंधी याचिका खारिज

CM Virbhadra Singh chargesheeted in Disproportionate assets case
जस्टिस विपिन सांघी - फोटो : File Photo

मुझे राष्ट्रपति ने नियुक्त किया है और मेरी निष्ठा संविधान व कानून के प्रति है। यदि मैंने पद एवं गोपनीयता की ली शपथ का उल्लंघन करता हूं तो यह अपनी अंतरात्मा को मारने के समान होगा। न्यायमूर्ति विपिन सांघी ने यह टिप्पणी वीरभद्र सिंह के आय से अधिक संपत्ति मामले में उस तर्क पर की जिसमें उन पर अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी के रिश्तेदार का आरोप लगाते हुए सुनवाई दूसरी अदालत में स्थानांतरित करने की मांग की गई थी।

न्यायमूर्ति ने वीरभद्र सिंह के तर्क को खारिज करते हुए कहा इस न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में मैं केवल भारत के संविधान और कानून के प्रति निष्ठा का श्रेय देता हूं। मैं पूरी तरह से स्वतंत्र हूं, आर्थिक रूप से किसी के अधीन नहीं हूं। इस अदालत के न्यायाधीश के रूप में मैं अपनी जिम्मेदारियों के बारे में पूरी तरह जानता हूं और राष्ट्रपति द्वारा नियुक्ति के बाद निष्ठा, ईमानदारी, अखंडता की शपथ ली है। अपनी क्षमता और निर्णय लेने का विवेक मुझे है।

'मैं अपनी न्यायिक जिम्मेदारियों को अच्छी तरह से जानता हूं'

CM Virbhadra Singh chargesheeted in Disproportionate assets case

उन्होंने कहा यदि मुझे थोड़ी सा भी संदेह हो कि स्वतंत्र रूप से निर्णय तय करने में सक्षम नहीं हूं तो खुद मामले से अलग हो जाऊंगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले में उनकी कोई व्यक्तिगत रुचि नहीं है। याची को पूर्वाग्रह से कोई खतरा नहीं है। उन्होंने कहा मुकुल रोहतगी से मेरे पारिवारिक संबंध हैं तो उसका यह मतलब नहीं है कि न्याय व्यवस्था में उनका हस्तक्षेप हो जाएगा।


इस मामले में बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता दयान कृष्णन व कपिल सिब्बल पेश हुए और उन्होंने कभी भी आपत्ति नहीं उठाई। मैं अपनी न्यायिक जिम्मेदारियों को अच्छी तरह से जानता हूं। मामले में काफी सुनवाई पूरी हो चुकी है और यदि ऐसी

स्थिति में मामले को छोड़ा गया तो बिना कारण मामले में देरी होगी। अदालत ने कहा- विलंब याची के हक में ही है क्योंकि उनकी गिरफ्तारी व आरोप पत्र दायर करने पर रोक है। ऐसे में वे महसूस करते हैं कि याची का यह तर्क ठीक नहीं है और वे स्वयं मामले से अलग करना उचित नहीं समझते।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed