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Himachal: सीएम बोले- चरणबद्ध तरीके से प्लास्टिक पर लगेगा पूर्ण प्रतिबंध, बच्चों को मिलेंगी स्टील की बोतलें

Thu, 05 Jun 2025 04:19 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Thu, 05 Jun 2025 04:19 PM IST
सार

मुख्यमंत्री ने गुरुवार को पीटरहाॅफ शिमला में विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में बताैर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस अवसर पर सीएम ने सिंगल यूज प्लास्टिक चालान एप भी शुरू की। विभाग इसका इस्तेमाल करेंगे।  

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CM sukhu said- Plastic will be completely banned in a phased manner, six lakh steel bottles will be given to s
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल सरकार छह लाख स्कूली बच्चों को पीने के पानी के लिए स्टेनलेस स्टील की बोतलें देगी। प्रदेश में चरणबद्ध तरीके से सभी तरह के प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाएगा। विश्व पर्यावरण दिवस पर वीरवार को पीटरहॉफ शिमला में आयोजित राज्यस्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने यह एलान किया। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक से संबंधित नियम सख्ती से लागू किए गए हैं। सिंगल यूज प्लास्टिक चालान के लिए मोबाइल एप भी शुरू किया है। एप से प्लास्टिक के अवैध उपयोग पर अधिकारी पेपरलेस और त्वरित चालान कर सकेंगे।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। प्लास्टिक प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए ठोस उपाय किए जा रहे हैं। सरकार ने प्लास्टिक के खिलाफ निर्णायक लड़ाई शुरू की है। 31 मार्च, 2026 तक प्रदेश को ग्रीन स्टेट बनाने का लक्ष्य तय किया है। हिमाचल में हरित आवरण बढ़ाने के लिए नई योजनाएं कार्यान्वित की जा रही हैं। सौर ऊर्जा परियोजनाओं, ग्रीन कॉरिडोर, ई-वाहन और हरित ऊर्जा को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। ग्रीन कवर को बचाने के लिए सरकार ने केंद्र से ग्रीन बोनस की मांग की है, जिससे राज्य के प्रयासों को संबल मिल सके। मुख्यमंत्री ने पर्यावरण विभाग की लघु पुस्तकों का विमोचन भी किया। उन्होंने शक्ति स्वयं सहायता समूह, एकता स्वयं सहायता समूह और कुशाला संकुल स्तरीय संगठन को पत्तल और दोने बनाने के लिए मशीनें भी भेंट कीं। वहीं, आरकेएमवी को श्रेडर मशीन भी भेंट की।
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पर्ची शुल्क लेना है या नहीं: सुक्खू
सरकारी अस्पतालों में मरीजों से पर्ची के 10 रुपये शुल्क वसूलने के मामले में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने वीरवार को स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि रोगी कल्याण समिति तय करेगी कि मरीजों से पर्ची के 10 रुपये लेने हैं या नहीं। इस संबंध में सरकार ने कोई संस्तुति नहीं की है। अस्पतालों को स्वायत्त किया गया है। अस्पताल अगर साफ-सफाई और रखरखाव के लिए ऐसा करना चाहते हैं, तो वे दस रुपये पर्ची का शुल्क लगा सकते हैं। अस्पताल अगर नहीं चाहते हैं और उनके अपने संसाधन हैं तो उन्हें पर्ची शुल्क लेने की जरूरत नहीं है। ये अस्पताल की रोगी कल्याण समिति तय करेगी, जिसमें स्थानीय लोग होते हैं। कैबिनेट सब कमेटी ने एक राय के तहत कहा कि सभी अस्पतालों को स्वायत्त होना चाहिए। अस्पतालों की सफाई व्यवस्था, उपकरणों के रखरखाव और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं के लिए इस तरह का शुल्क हो सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संबंध में सरकार के पास साफ-सफाई और रखरखाव से जुड़े कुछ सुझाव जरूर आए थे और कैबिनेट की सब कमेटी की भी सिफारिश सामने आई थीं, लेकिन सरकार ने इस पर कोई बाध्यकारी निर्णय नहीं लिया।

मुख्यमंत्री ने विश्व पर्यावरण दिवस पर साइकिल रन को झंडी दिखाकर किया रवाना 
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने गुरुवार को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर ओक ओवर शिमला से प्लास्टिक प्रदूषण को समाप्त करना ध्येय से आयोजित साइकिल रन को झंडी दिखाकर रवाना किया। यह कार्यक्रम संयुक्त तौर पर पर्यावरण, विज्ञान प्रौद्योगिकी एवं जलवायु परिवर्तन विभाग तथा हिमाचल प्रदेश विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण परिषद की ओर से आयोजित किया गया। उन्होंने प्लास्टिक न्यूट्रल हिमाचल-2030 जागरुकता अभियान और स्वच्छ शिमला अभियान का भी शुभारंभ किया।  इस अभियान में विद्यार्थियों, स्वयं सेवियों, गृह रक्षा जवानों और समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने भाग लिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश को प्लास्टिक न्यूट्रल बनाने की शपथ भी दिलाई।

मुख्यमंत्री ने विश्व पर्यावरण दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हिमाचल को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए सभी को सहभागिता सुनिश्चित करनी चाहिए। पर्यावरण को प्लास्टिक से बचाना सभी का दायित्व है। उन्होंने कहा कि आगामी पांच वर्षों में हिमाचल को प्लास्टिक मुक्त बनाने के निरंतर प्रयासों के साथ जागरुकता लाने के लिए गंभीर प्रयासों की भी नितांत आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रकृति का संरक्षण, हमारी संस्कृति का अभिन्न अंग है। हिमाचल की प्राकृतिक सौंदर्य से अलग पहचान है। इसे सदैव बनाए रखने के लिए हमें सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ निरंतर प्रयास करने होंगे। इस अवसर पर विधायक हरीश जनारथा, नगर निगम शिमला के महापौर सुरेंद्र चौहान, उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप, पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह, निदेशक पर्यावरण, विज्ञान प्रौद्योगिकी एवं जलवायु परिवर्तन डीसी राणा, आयुक्त नगर निगम भूपेंद्र अत्री अतिरिक्त निदेशक प्रवीण गुप्ता, मुख्य वैज्ञानिक डॉ. सुरेश अत्री तथा अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

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