शिमला: सीएम जयराम बोले- धीरज रखें एसएमसी शिक्षक, समस्या का समाधान होगा, प्रदर्शन की जरूरत नहीं
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मंगलवार को एसएमसी शिक्षकों ने हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ के बैनर तले मुलाकात की और सीएम को एक ज्ञापन दिया। इसमें एसएमसी शिक्षकों ने पैरा, पैट, पीटीए, ईजीएस और एनआरसीटी शिक्षकों की तर्ज पर लाभ देने की मांग की। शिक्षक महासंघ के प्रांत महामंत्री की अध्यक्षता में मिले इस प्रतिनिधिमंडल में एसएमसी शिक्षक संघ के प्रदेशाध्यक्ष मनोज रौंगटा समेत राजेश भरत और अन्य नेता मौजूद हुए।
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मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मंगलवार को राज्य सचिवालय में कहा कि एसएमसी शिक्षक धीरज रखें। सरकार उनकी समस्या का भी समाधान कर रही है। उन्होंने कहा कि इन शिक्षकों को किसी भी तरह का प्रदर्शन करने की जरूरत नहीं है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मंगलवार को एसएमसी शिक्षकों ने हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ के बैनर तले मुलाकात की और सीएम को एक ज्ञापन दिया। इसमें एसएमसी शिक्षकों ने पैरा, पैट, पीटीए, ईजीएस और एनआरसीटी शिक्षकों की तर्ज पर लाभ देने की मांग की। शिक्षक महासंघ के प्रांत महामंत्री की अध्यक्षता में मिले इस प्रतिनिधिमंडल में एसएमसी शिक्षक संघ के प्रदेशाध्यक्ष मनोज रौंगटा समेत राजेश भरत और अन्य नेता मौजूद हुए। एसएमसी शिक्षकों ने सरकार को 13 फरवरी तक उनकी मांगों पर गौर न करने पर 14 फरवरी को ओक ओवर और प्रदेश सचिवालय के बाहर प्रदर्शन की चेतावनी दी है। इसी पर मुख्यमंत्री ने शिक्षकों को कहा है कि उन्हें ऐसा करने की जरूरत नहीं है।
मुख्यमंत्री ने अखिल भारतीय राष्ट्रीय शिक्षक महासंघ का कैलेंडर जारी किया
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अखिल भारतीय राष्ट्रीय शिक्षक महासंघ का कैलेंडर-2022 भी जारी किया। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की ओर से प्रकाशित इस विशेष कैलेंडर में स्वामी विवेकानंद, पंडित मदन मोहन मालवीय, महर्षि दयानंद सरस्वती, महात्मा गांधी, भगिनी निवेदिता, विनोबा भावे, रविंद्र नाथ ठाकुर, महर्षि अरविंद, सुभाष चंद्र बोस सहित लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक के वक्तव्य व विचार हैं। इस मौके पर विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष एवं विधायक डॉ. राजीव बिंदल, राष्ट्रीय सचिव अखिल भारतीय राष्ट्रीय शिक्षक महासंघ पवन मिश्रा, प्रांत महामंत्री डॉ. मामराज पुंडीर, विनोद सूद, प्रांत सह संगठन मंत्री भीष्म सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष जय शंकर, मनोज रौंगटा, विकास और राजेश भी उपस्थित थे।