धर्मशाला: जोरावर स्टेडियम में आप कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प, कई घायल
जोरावर स्टेडियम में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं और पुलिस कर्मियों के बीच हल्की झड़प हो गई। झड़प में कई कार्यकर्ता घायल हुए हैं। एक कार्यकर्ता को एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया है। आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता तपोवन विधानसभा का घेराव करने जा रहे थे।
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हिमाचल प्रदेश विधानसभा परिसर तपोवन से करीब एक किलोमीटर दूर जोरावर स्टेडियम में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं और पुलिस कर्मियों के बीच हल्की झड़प हो गई। झड़प में कई कार्यकर्ता घायल हुए हैं। एक कार्यकर्ता को एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया है। आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता तपोवन विधानसभा का घेराव करने जा रहे थे। पुलिस ने इन्हें जोरावर स्टेडियम के पास रोका तो झड़प हो गई। जानकारी के अनुसार पुरानी पेंशन बहाली, बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी के विरोध में आम आदमी पार्टी ने तपोवन विधानसभा का घेराव करने का एलान किया था। पार्टी के प्रदेश प्रभारी रत्नेश गुप्ता के नेतृत्व में रैली निकाली गई। रैली जोरावर स्टेडियम के प्रवेश द्वार पर पहुंची तो भारी संख्या में मौजूद पुलिस कर्मियों ने इसे रोकने का प्रयास किया।
कार्यकर्ता सड़क पर धरने पर बैठ गए। काफी देर बाद उन्होंने फिर विधानसभा की ओर जाने का प्रयास किया। इस पर दोनों पक्षों में धक्कामुक्की हो गई। कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए पुलिस को बीच-बीच में हल्का बल इस्तेमाल करना पड़ा। आप कार्यकर्ताओं ने जोरावर स्टेडियम में बेरिकेड्स को नीचे गिरा दिया। धक्कामुक्की में एक महिला को पैर में चोट आई है। एक अन्य व्यक्ति घायल हुआ, जिसे एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया। आप के प्रदेश प्रभारी रत्नेश गुप्ता ने कहा कि कार्यकर्ताओं से पुलिस की धक्कामुक्की गलत है। वे विधायकों से मिलने आए थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे नहीं जाने दिया।
करुणामूलक नौकरी के लिए संघ का प्रदर्शन
वहीं, विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान तीसरे दिन प्रदेश करुणामूलक संघ के सदस्यों ने जोरावर स्टेडियम सिद्धबाड़ी में धरना प्रदर्शन किया। इससे पहले मेला ग्राउंड दाड़ी से लेकर जोरावर स्टेडियम तक रैली निकाली गई। इस दौरान सरकार के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की गई। सोमवार सुबह से ही संघ के सदस्य धर्मशाला में जुटने शुरू हो गए थे। संघ के प्रदेश सलाहकार शशिपाल शर्मा ने कहा कि करुणामूलक नीति के तहत सरकारी कर्मचारी की मृत्यु के दौरान परिवार के सदस्य को नौकरी देने का प्रावधान है। यह नीति मात्र सरकारी दस्तावेजों तक ही सीमित है। 15 साल बीतने के बाद भी सरकारी सेवाओं के दौरान अपनों को खोने वाले परिवारों को नौकरी नहीं मिली है।
संघ ने सरकार से करुणामूलक सदस्यों को नीति के आधार पर नौकरी देने, सात मार्च 2019 से पॉलिसी में आ रहे लोगों को एक साथ नौकरी देने, पात्रों के लिए पांच प्रतिशत कोटे की शर्त हटाने की मांग की थी, लेकिन सरकार ने इस बात को नजरअंदाज किया है। उन्होंने कहा कि सरकार नौकरी केे नाम पर करुणामूलक लोगों को ठग रही है। चहेतों को यह नौकरियां दी जा रही हैं। बताया कि करुणामूलक नौकरी को लेकर संघ की शिमला में 137 दिनों से हड़ताल चल रही है, लेकिन सरकार ने आज तक संघ के लोगों की सुध तक नहीं ली। उन्होंने बताया कि संघ ने सरकार के नकारात्मक रवैये को लेकर छह माह के लिए सूची तैयार कर ली है। जब तक मांगों पर फैसला नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
सीट के हिसाब से लगाया जाए नेशनल टैक्स
देवभूमि आल हिमाचल टैक्सी एसोसिएशन ने सोमवार को जोरावर स्टेडियम में धरना प्रदर्शन किया। मांग की कि नेशनल टैक्स के लिए उनसे सीट के हिसाब से टैक्स वसूला जाए। इसके अलावा सरकार को मांगपत्र सौंपकर कई मांगें रखीं। देवभूमि आल हिमाचल टैक्सी एसोसिएशन के सदस्यों ने चामुंडा स्थित डाढ़ से पदयात्रा कर जोरावर स्टेडियम में मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया। टैक्सी ऑपरेटर संघ के सदस्यों ने कहा कि टैक्सी संघ पिछले दो सालों से सरकार से कोरोना काल में हुए नुकसान की भरपाई करने, नेशनल परमिट को सीट के हिसाब से करने और प्राइवेट वाहनों का सवारियों को ढोने पर प्रतिबंध लगाने के लिए मांग कर रहा है।
इस को लेकर संघ के पदाधिकारी पिछले दो वर्षों से सरकार से मिल रहे हैं, लेकिन सरकार ने आज तक उनकी मांगों को लेकर कोई कदम नहीं उठाया। बताया कि इस समय प्रदेश में 80 हजार टैक्सी ऑपरेटर काम कर रहे हैं, लेकिन पिछले दो सालों में काम न होने के चलते यह सदस्य मनरेगा में दिहाड़ी लगाकर जीवनयापन कर रहे हैं। टैक्सी संघ ने चेतावनी दी कि यदि सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं किया तो वे सड़कों पर उतरकर उग्र प्रदर्शन करेंगे।