युवक की संदिग्ध मौत पर बवाल, हाईवे पर पांच घंटे तक चक्का जाम
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करीब 18 दिन से लापता रायपुर सहोड़ां गांव के युवक नरेश उर्फ सुमित की संदिग्ध हालत में मौत मामले ने तूल पकड़ लिया है। टांडा से पोस्टमार्टम के बाद वापस लाए जा रहे शव के साथ गुस्साए परिजनों एवं ग्रामीणों ने मैहतपुर मुख्य चौक पर चक्का जाम किया। चक्का जाम से करीब साढ़े पांच घंटे तक धर्मशाला-चंडीगढ़ हाईवे पर आवाजाही पूरी तरह से ठप हो गई। बाद में जिला उपायुक्त ने हस्तक्षेप कर आश्वासन देकर लोगों को शांत कराया।
सड़क पर उतरे ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, पुलिस और भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने सियासी दबाव के चलते मामले की सही तरीके से जांच नहीं की। इससे युवक के कातिल पकड़े नहीं जा रहे हैं। एनएच पर आवाजाही ठप होने से सैकड़ों यात्री परेशान दिखे। मुख्य मार्ग के दोनों ओर कई किलोमीटर दूर तक जाम लगा रहा। जाम की पूर्व सूचना के चलते पुलिस बल को तैनात कर दिया गया था।
भीड़ ने केवल एंबुलेंस को ही आने-जाने दिया। प्रदर्शनकारियों को पुलिस देर तक मनाने की कोशिश में लगी रही। इस बीच एएसपी, डीएसपी, एसएचओ, एडीसी समेत तमाम बड़े अधिकारियों ने ग्रामीणों को शांत करवाने का प्रयास किया, लेकिन भीड़ ने प्रदर्शन जारी रखा। डीसी राजेश प्रजापति और एसपी दिवाकर शर्मा ने शाम पांच बजे मौके पर पहुंचकर लोगाें को निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाकर शांत कराया।
यह है मामला
रायपुर सहोड़ा निवासी सुमित कुमार 24 सितंबर को रायपुर से बंगाणा मामा के घर से निकला था। वह करीब छह बजे बंगाणा से वापस घर के लिए रवाना हुआ। लेकिन घर नहीं पहुंचा। सुमित के छोटे भाई निखिल से उसकी 7 बजे बात हुई जिसमें सुमित ने बताया कि वह भारी बारिश के चलते दोस्त के पास ऊना में ही रुकेगा।
लिहाजा वह सुबह घर पहुंचेगा। 25 सितंबर सुबह जब वह घर पर नहीं पहुंचा तो घरवालों ने उसकी तलाश शुरू की। फोन पर बात की तो फोन किसी महिला ने उठाया। उसने कहा कि वह कोटला कलां से बोल रही है। जब घरवाले उस महिला के पास पहुंचे तो उसने कहा कि यह फोन उसे यहां गिरा मिला।
इससे कुछ दूरी पर सुमित का मोटरसाइकिल और चप्पलें भी मिलीं। घरवालों ने इस बारे में पुलिस को सूचित किया। इस बारे में बंगाणा और कोटला कलां में पुलिस ने पूछताछ की लेकिन सुमित का कोई सुराग नहीं लगा। 12 अक्तूबर की शाम को सुमित का शव कोटलां गांव स्थित जंगल में पेड़ से लटका मिला।