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जातिप्रथा के स्वरूप को नहीं समझे साम्यवादी : अग्निहोत्री
Wed, 02 Jan 2019 05:15 PM IST
अरविन्द ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धर्मशाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धर्मशाला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Wed, 02 Jan 2019 05:15 PM IST
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साम्यवादी जातिप्रथा के स्वरूप और स्वभाव को पहचान नहीं पाए। उन्होंने इस बात की जरूरत ही नहीं समझी। उनकी दृष्टि में भारतीय समाज की जाति प्रथा, महत्वपूर्ण मुद्दा था ही नहीं। इस बात का उल्लेख केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. कुलदीप चंद अग्निहोत्री ने अपनी नई पुस्तक डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर यात्रा के पदचिह्न में किया है।
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सीयू के वीसी की इस पुस्तक का प्रकाशन राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (एनबीटी) ने किया है। पुस्तक में आंबेडकर की विभिन्न यात्राओं के बारे में बारीकी से उल्लेख किया गया है। पुस्तक को लोकोपयोग सामाजिक विज्ञान की संज्ञा दी गई है। प्रस्तावना और पुुरोवाक के अलावा पुस्तक में आठ अध्याय है।
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इसमें आंबेडकर की जीवन यात्रा, जाति व्यवस्था की जांच परख, पश्चिम का आर्य सिद्धांत, भारत विभाजन और पाकिस्तान का प्रश्न, शिक्षा का महत्व और उसकी सर्वसुलभता, जम्मू-कश्मीर का प्रश्न, बुद्ध की शरण में जाने के बारे में बताया गया है। उधर, सीयू के कुलपति डॉ. अग्निहोत्री ने कहा कि एनबीटी ने पुस्तक का प्रकाशन किया है। जल्द पुस्तक का विमोचन किया जाएगा।
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