केंद्र ने बढ़ाया हिमाचल के लिए मिड-डे मील का कुकिंग बजट
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केंद्र सरकार ने मिड-डे मील योजना के तहत कुकिंग का बजट बढ़ा दिया है। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार ही स्कूलों को मिड-डे मील बजट दिया जाता है।
केंद्र की ओर से बढ़ाए गए कुकिंग बजट के अनुसार अब प्राथमिक स्कूलों को 4.32 रुपये प्रति विद्यार्थी और उच्चतर स्कूलों को 6.58 रुपये प्रति विद्यार्थी के हिसाब से कुकिंग के लिए मिड-डे मील राशि मिलेगी।
पुराने बजट के तहत प्राथमिक स्कूलों को 4.13 रुपये और उच्चतर स्कूलों को 6.18 रुपये के हिसाब से मिड-डे मील बजट दिया जा रहा था। हालांकि, अभी सरकार की ओर से बजट में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है।
केंद्र सरकार की इस मिड-डे मील योजना में के बजट में 90 प्रतिशत केंद्र सरकार और 10 प्रतिशत बजट का हिस्सा प्रदेश सरकार का होता है। इस संबंध में प्रदेश सरकार की ओर से कोई कदम न उठाए जाने पर अभी तक इस बजट को लागू नहीं किया गया है।
भोजन सामग्री के लिए होगा बजट का खर्च
प्रदेश सरकार के निर्देशों के बाद ही स्कूल प्रबंधनों को बढ़ाए गए मिड-डे मील का बजट मिल पाएगा। उधर, मिड-डे मील के जिला कोआर्डिनेटर अतुल शर्मा ने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से मिड-डे मील का कुकिंग बजट बढ़ाया गया है। इसे प्रदेश सरकार के निर्देशों के बाद स्कूलों में लागू कर दिया जाएगा।
मिड-डे मील में डाले जाने वाली सामग्री जैसे नमक, तेल, मिर्च, सब्जियों आदि अन्य गर्म मसालों के लिए कुकिंग बजट का खर्च किया जाता है। भोजन के लिए चावल सोसायटी के माध्यम से सरकार स्कूलों तक पहुंचा रही है। पहली से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को मिड-डे मील दिया जाता है।