Hamirpur: मुख्यमंत्री के चॉपर की लैंडिंग के दौरान हेलिपैड पर पहुंच गए मवेशी, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
लैडिंग से ऐन पहले हेलिपैड पर करीब एक दर्जन लावारिस मवेशी पहुंच गए। ऐसे में पायलट को कुछ मिनटों के लिए चॉपर हवा में ही रखना पड़ा। कुछ देर के लिए हेलिपैड क्षेत्र में अफरातफरी का माहौल भी बन गया।
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के भोरंज विधानसभा क्षेत्र के प्रवास कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा में चूक का मामला सामने आया है। सोमवार दोपहर बाद भोरंज पहुंचे सीएम का चॉपर कंज्याण हेलिपैड पर उतरने से पहले कुछ देर के लिए हवा में ही उड़ता रहा। लैडिंग से ऐन पहले हेलिपैड पर करीब एक दर्जन लावारिस मवेशी पहुंच गए। ऐसे में पायलट को कुछ मिनटों के लिए चॉपर हवा में ही रखना पड़ा। कुछ देर के लिए हेलिपैड क्षेत्र में अफरातफरी का माहौल भी बन गया।
दरअसल लावारिस मवेशी हेलिपैड से कुछ दूर ही घूम रहे थे। जैसे ही चॉपर लैंड करने लगा तो तेज शोर और हवाओं के कारण डरे मवेशी इधर-उधर भागने लगे और लैंडिंग साइट पर पहुंच गए। हेलिपैड पर मवेशियों को देख पायलट ने तत्काल लैडिंग रोक दी और चाॅपर को हवा में ही रखा।
लावारिस मवेशियों के अचानक हेलिपैड पर पहुंचते ही सुरक्षा कर्मी भी हरकत में आते हुए मौके पर पहुंचे और उन्होंने मवेशियों को भगाया। इस मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए हेलिपैड पर जुटे लोगों में भी भगदड़ मच गई। लोग आवारा मवेशियों से बचने के लिए इधर-उधर भागने लगे। कुछ मिनटों में माहौल शांत होने के बाद पायलट ने चॉपर को नीचे उतारा। चॉपर की लैंडिंग के बाद स्थानीय विधायक और प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए हेलिपैड पर पहुंचे। इस घटनाक्रम ने सीएम की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उधर, स्थानीय विधायक सुरेश कुमार ने कहा कि इस बारे में प्रशासन और पुलिस से बात की जाएगी। लावारिस मवेशी कैसे चॉपर की लैंडिंग साइट पर पहुंचे, इसका पता लगाया जाएगा।
जयराम के पास नुकसान का सही आंकड़ा है तो उतनी मदद केंद्र से दिलवा दें : सुक्खू
हमीरपुर के भोरंज विधानसभा क्षेत्र में आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरे के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि बारिश के चलते प्रदेश में काफी नुकसान हुआ है और तुरंत राहत कार्य को शुरू किए गए हैं। केंद्र सरकार की ओर से 200 करोड़ की राहत दी गई है। जबकि पूरे प्रदेश में बारिश से नुकसान 12 हजार करोड़ का हुआ है। जब केंद्र सरकार से कोई राहत मिलेगी तभी प्रदेश सरकार और लोग संतुष्ट होंगे। सुक्खू ने नेता प्रतिपक्ष से कहा कि प्रदेश सरकार सही आंकड़े पेश कर रही है। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के पास यदि प्रदेश में बारिश से नुकसान का कोई सही आंकड़ा है तो उतनी ही राहत केंद्र सरकार से दिलवा दें। वह तो केवल राजनीति करना जानते हैं। इस तरह की राजनीति के लिए विधानसभा का सत्र बुलाया गया है। सुक्खू ने कहा कि यदि राजनीति करनी है तो नेता प्रतिपक्ष वहां पर कर लें। मौके पर जाकर नुकसान का जायजा लेकर ही आंकड़े पेश किए जा रहे हैं। उनके सराज विस क्षेत्र में सरकार हर संभव मदद कर रही है। हेलीकॉप्टर के जरिये राशन सराज में पहुंचाया गया है।
आईएएस अफसर के गुमनाम वायरल पत्र के मामले पर सुक्खू ने कहा कि भरमौर निवासी का नाम सामने आया है। पुलिस ने जांच में पता लगाया है कि भरमौर निवासी इस व्यक्ति ने सबसे पहले सोशल मीडिया पर यह पत्र अपलोड किया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि झूठ नहीं लिखा जाना चाहिए। इस तरह के गुमनाम पत्र छवि बिगाड़ने का कार्य करते हैं। वायरल पत्र मामले में शिमला पुलिस ने तीन लोग गिरफ्तार किए हैं, जिसमें दो चंबा से संबंधित हैं। सुक्खू ने पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार का सरकार की तारीफ करने के लिए आभार जताया है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने न सिर्फ सरकार की तारीफ की है, बल्कि भाजपा नेताओं को सरकार का सहयोग करने की सलाह दी है। इसके विपरीत भाजपा नेता सुर्खियों में बने रहने के लिए सरकार की आलोचना में जुटे हैं। तिनका-तिनका जोड़ कर सरकार हर एक प्रभावित का पुनर्वास करेगी। राज्यपाल से बैठक पर सीएम ने कहा कि राज्यपाल से नुकसान को लेकर चर्चा हुई है। उन्होंने राज्यपाल की तरफ से कुछ सुझाव दिए जाने की बात कही गई है। 18 से 25 सितंबर के बीच विधानसभा का सत्र बुलाया जाएगा।
लोगों की जान बचाना प्राथमिकता : सुक्खू
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मंगलवार को हमीरपुर के विधानसभा क्षेत्र भोरंज में बाढ़ और भू-स्खलन प्रभावित हिम्मर-दरोबड़ी, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बाहनवीं, खुराल पुल, चंदरूही, नगरोटा गाजियां और अन्य गांवों का दौरा किया। मुख्यमंत्री ने इन गांवों में चल रहे राहत, पुनर्वास और मरम्मत कार्यों का निरीक्षण भी किया और प्रभावित लोगों का हालचाल पूछा। उन्होंने राहत एवं पुनर्वास तथा मरम्मत कार्यों के संबंध में अधिकारियों को दिशा-निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों की जान बचाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। स्थानीय प्रशासन लोगों की सुरक्षा को सुनिश्चित करें। सरकार हर प्रभावित तक मदद पहुंचाना सुनिश्चित कर रही है। आपदा से प्रभावित परिवारों को घर निर्माण के लिए हर संभव सहायता प्रदान करेगी। कंजयाण हेलीपैड पर अनौपचारिक बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार सीमित संसाधनों के बावजूद सभी प्रभावितों को हरसंभव मदद प्रदान करेगी।
वह स्वयं आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करके नुकसान का जायजा ले रहे हैं और विश्व बैंक तथा नीति आयोग जैसी संस्थाओं ने भी प्रभावित को तुरंत सहायता पहुंचाने के लिए सरकार के प्रयासों की सराहना की है। उन्होंने कहा कि 18 सितंबर से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में इस आपदा पर व्यापक चर्चा की जाएगी। इस अवसर पर हमीरपुर की संस्था सीनियर सिटीजन काउंसिल के पदाधिकारियों ने 21 लाख रुपये और कॅरिअर प्वाइंट विश्वविद्यालय भोरंज के विद्यार्थियों ने तीन लाख रुपये के चेक आपदा राहत कोष के लिए मुख्यमंत्री को भेंट किया। इस मौके पर भोरंज के विधायक सुरेश कुमार, हमीरपुर के विधायक आशीष शर्मा, केसीसी बैंक के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, कांगड़ा सहकारी प्राथमिक कृषि और ग्रामीण विकास बैंक के अध्यक्ष राम चंद्र पठानिया, प्रदेश कौशल विकास निगम के समन्वयक अतुल कड़ोहता, उपायुक्त हेमराज बैरवा मौजूद रहे।