यहां पांव पसारने लगा कैंसर, एक परिवार के तीसरे सदस्य की मौत
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औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन में ग्रामीणों को जानलेवा कैंसर अपनी चपेट में ले रहा है। नालागढ़ की भाटियां पंचायत के सनेड़ गांव में एक ही परिवार के तीसरे सदस्य की मौत हो गई है। कैंसर पीड़ित देवराज (75) की शुक्रवार देर रात मौत हो गई है। देवराज की माता और पत्नी की भी कैंसर से मौत हो गई थी।
वहीं, सनेड़ में ही हजारा सिंह, स्वर्ण सिंह, निर्मल सिंह, लक्ष्मण सिंह, प्रीतम सिंह भी इसी रोग से पीड़ित हैं। पीड़ित गांववासी इस गंभीर बीमारी का इलाज पीजीआई चंडीगढ़ तथा लुधियाना के प्राइवेट अस्पताल से करवा रहे है। गांवों में भय का माहौल बना हुआ है। बढ़ रहे मामलों के चलते ग्रामीणों की मांग पर आईजीएमसी की टीम ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर तैयार रिपोर्ट सार्वजनिक की है।
लेकिन इसमें कैंसर फैलने के किसी ठोस कारणों को पता नहीं चल पाया है। कैंसर का कारण एक जैसा भी नहीं है। ग्रामीणों ने कैंसर विशेषज्ञों से प्रभावित क्षेत्रों का फिर सर्वे कराने की मांग की है। एसडीएम हरिकेश मीणा ने बताया कि ऐसा कोई मामला उनके ध्यान में नही है अगर ऐसी कोई शिकायत आती है तो जरूर कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीण बोले, उद्योगों का गंदा पानी कैंसर का कारण
ग्रामीणों का आरोप है कि निजी उद्योगों से निकल रहे गंदे पानी के चलते पंचायत के जल स्रोत खराब हो गए है। पंचायत के उपप्रधान त्रिलोक सिंह, कुलविंद्र सिंह, राजीव, बब्बा, राज कुमार, जगतार सिंह, चनन सिंह, लक्ष्मी चंद ने बताया कि उद्योगों से निकलने वाले गंदे पानी को लेकर पहले भी प्रशासन से शिकायत की गई, लेकिन इस मामले में ठोस कार्रवाई नहीं हुई है जिससे पंचायत के जल स्रोत खराब हो रहे है।
विधायक के दखल के बाद पहुंची टीम
पिछले एक वर्ष के दौरान यहां पर अचानक कैंसर का रोग लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है। लोग स्थानीय विधायक से भी इस बारे में मिले हैं। विधायक ने सरकार के समक्ष इस समस्या को रखा है। स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश के बाद आईजीएमसी की टीम ने गांव का दौरा किया, लेकिन यह क्यों फैल रहा है इस बारे में लोग अभी तक अंधेरे में है?
सर्वे किया, ठोस कारण पता नहीं : बीएमओ
नालागढ़ के बीएमओ डा. कुलदीप जसवाल ने बताया कि इस क्षेत्र का सर्वे शिमला आईजीएमसी की टीम ने किया था। टीम की रिपोर्ट में यहां पर कैंसर फैलने के किसी ठोस कारणों को पता नहीं चल पाया है। जिन लोगों को कैंसर है वह एक ही किस्म का न होकर कई प्रकार का है। इससे बीमारी फैलने के लिए किसी एक वजह को ही कारण माना जाए।