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Shimla News: शहर में बसों की समयसारिणी पर हर रोज उलझते हैं चालक
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परिवहन निगम से शेड्यूल तय करने की मांग
लोकल बस अड्डे में समयसारिणी डिस्प्ले करने का आग्रह
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। वोल्वो बस के चालक के साथ पर्यटकों द्वारा मारपीट कर लहूलुहान किए जाने के मामले के बाद अब परिवहन निगम के चालकों-परिचालकों को अपनी सुरक्षा की चिंता सताने लगी है।
राजधानी शिमला के लोकल बस अड्डे में आए दिन निजी और सरकारी बसों के चालक-परिचालकों में बसों की समयसारिणी को लेकर कहासुनी होना आम बात है। इस तरह की घटनाएं बढ़ने से सरकारी बसों के चालक, परिचालक निगम प्रबंधन, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी शिमला और पुलिस प्रशासन से बसों की समयसारिणी में सुधार लाने की मांग करने लगे हैं। हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम के चालक संघ के प्रधान मान सिंह और परिचालक संघ के प्रधान प्रीत महेंद्र ने कहा कि रोज बसों के चलने और अलग-अलग बस ठहराव पर रुकने पर निजी और सरकारी बस चालक तथा परिचालक आपस में उलझते हैं। कई बार बहसबाजी के बाद नौबत हाथापाई तक पहुंच जाती है। मान सिंह और प्रीत महेंद्र ने पथ परिवहन निगम प्रबंधन के साथ ही क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी शिमला से मांग की है कि बसों के परमिट बस अड्डे से चलने की टाइमिंग में कम से कम पंद्रह मिनट का अंतर जरूरी है।
सरकारी बस चालक-परिचालकों को बस का टाइमिंग शेड्यूल उपलब्ध करवाया जाना चाहिए। ओल्ड बस अड्डे और लोकल बस अड्डे में समयसारिणी डिस्पले की जानी चाहिए। ट्रैफिक पुलिस इस टाइम के हिसाब से बसों को संचालित करें। सरकारी बसों को भी सवारियों को बैठाने के लिए कम से कम पंद्रह मिनट दिया जाना चाहिए। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि पुराने बस अड्डे में ही चालकों और परिचालकों के आपस में उलझने के मामले रोज नजर आ जाते हैं।
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लोकल बस अड्डे में समयसारिणी डिस्प्ले करने का आग्रह
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। वोल्वो बस के चालक के साथ पर्यटकों द्वारा मारपीट कर लहूलुहान किए जाने के मामले के बाद अब परिवहन निगम के चालकों-परिचालकों को अपनी सुरक्षा की चिंता सताने लगी है।
राजधानी शिमला के लोकल बस अड्डे में आए दिन निजी और सरकारी बसों के चालक-परिचालकों में बसों की समयसारिणी को लेकर कहासुनी होना आम बात है। इस तरह की घटनाएं बढ़ने से सरकारी बसों के चालक, परिचालक निगम प्रबंधन, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी शिमला और पुलिस प्रशासन से बसों की समयसारिणी में सुधार लाने की मांग करने लगे हैं। हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम के चालक संघ के प्रधान मान सिंह और परिचालक संघ के प्रधान प्रीत महेंद्र ने कहा कि रोज बसों के चलने और अलग-अलग बस ठहराव पर रुकने पर निजी और सरकारी बस चालक तथा परिचालक आपस में उलझते हैं। कई बार बहसबाजी के बाद नौबत हाथापाई तक पहुंच जाती है। मान सिंह और प्रीत महेंद्र ने पथ परिवहन निगम प्रबंधन के साथ ही क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी शिमला से मांग की है कि बसों के परमिट बस अड्डे से चलने की टाइमिंग में कम से कम पंद्रह मिनट का अंतर जरूरी है।
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सरकारी बस चालक-परिचालकों को बस का टाइमिंग शेड्यूल उपलब्ध करवाया जाना चाहिए। ओल्ड बस अड्डे और लोकल बस अड्डे में समयसारिणी डिस्पले की जानी चाहिए। ट्रैफिक पुलिस इस टाइम के हिसाब से बसों को संचालित करें। सरकारी बसों को भी सवारियों को बैठाने के लिए कम से कम पंद्रह मिनट दिया जाना चाहिए। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि पुराने बस अड्डे में ही चालकों और परिचालकों के आपस में उलझने के मामले रोज नजर आ जाते हैं।
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