हिमाचल प्रदेश: तेज रफ्तार बस पुल की रेलिंग तोड़ नदी में गिरी, 9 की मौत
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प्रसिद्ध धार्मिक स्थल श्री रेणुकाजी से नाहन लौट रही ओवरलोड तेज रफ्तार एक निजी बस रविवार दोपहर करीब 3:30 बजे पुल की रेलिंग तोड़ जलाल नदी में जा गिरी। हादसे में नौ लोगों की मौत हो गई है, जबकि 51 घायल हो गए। हादसे में तीन महिलाओं समेत 4 ने मौके पर, जबकि पांच ने अस्पताल में दम तोड़ा। घायलों को मेडिकल कॉलेज नाहन और सिविल अस्पताल ददाहू में भर्ती किया गया है।
दो गंभीर घायल पीजीआई रेफर किए गए हैं। मृतकों में अधिकतर की देर रात तक शिनाख्त नहीं हो पाई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि 44 सीटर बस में करीब 60 सवारियां थीं और रफ्तार भी तेज थी। बस में सवार अधिकतर लोग रेणुका मेला मार्केट में खरीदारी कर लौट रहे थे।
रविवार दोपहर श्री रेणुकाजी से नाहन लौट रही मीनू कोच बस (एचपी-79-3976) ददाहू से करीब छह किलोमीटर दूर जलाल पुल की रेलिंग तोड़ कर करीब 40 फीट नीचे नदी में गिर गई। गनीमत यह रही कि नदी में पानी कम था। हादसे के तुरंत बाद रेस्क्यू ऑपरेशन चला। घायलों को निजी बस, वाहनों और एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केके पराशर ने बताया कि दो घायलों को गंभीर हालत में पीजीआई रेफर किया है।
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आठ मृतकों की हुई पहचान
प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को 20 और घायलों को दस-दस हजार रुपये की फौरी राहत देने की बात कही है। उपायुक्त डॉ. ललित जैन ने बताया कि घायलों का मुफ्त इलाज होगा। राज्यपाल आचार्य देवव्रत, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, परिवहन मंत्री गोविंद ठाकुर और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने हादसे पर शोक जताया है।
नौ मृतकों में से आठ की पहचान हुई है। विद्या देवी पत्नी काका राम, वीरेंद्र वर्मा पुत्र जगदीश प्रसाद, सत्या राम पुत्र हिरदा राम और भागवंती पत्नी सत्या राम निवासी जैतक, रामलाल पुत्र सूरत निवासी रजाना, लज्जा राम व उमा देवी पत्नी काकू राम और अभय चौहान पुत्र जय प्रकाश निवासी काटल जमटा शामिल हैं।
सरकार ने दिए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश, ड्राइवर-कंडक्टर का पता नहीं
सरकार ने दुर्घटना की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। बस दुर्घटना की जांच का जिम्मा एसडीएम नाहन को सौंपा गया है। 20 दिन के भीतर इसकी जांच रिपोर्ट मांगी गई है। हादसे में ड्राइवर-कंडक्टर का भी अभी कोई पता नहीं चल पाया है।