{"_id":"6209f6e29568c7573b570845","slug":"bro-repairing-of-roads-in-border-area-by-mnrega","type":"story","status":"publish","title_hn":"बीआरओ: अब मनरेगा से कराएगा सीमांत क्षेत्रों की सड़कों की बहाली और मरम्मत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बीआरओ: अब मनरेगा से कराएगा सीमांत क्षेत्रों की सड़कों की बहाली और मरम्मत
Mon, 14 Feb 2022 12:00 PM IST
अरविन्द ठाकुर
रोशन ठाकुर, संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
रोशन ठाकुर, संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Mon, 14 Feb 2022 12:00 PM IST
सार
केंद्र सरकार ने मनरेगा को 17 साल बाद बीआरओ में शामिल किया है। सड़कों की मरम्मत, डंगे लगाना, सुरक्षा दीवार, क्रैश बैरियर लगाने सहित सोलिंग आदि का काम इसमें शामिल होगा।
विज्ञापन
मनरेगा (सांकेतिक)
- फोटो : संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) अब मनरेगा के मजदूरों से भी सीमावर्ती इलाकों से जुड़ी सड़कों की बहाली और उनकी मरम्मत करवाएगा। केंद्र सरकार ने इसको लेकर मंजूरी दे दी है। इससे अब स्थानीय लोगों और महिलाओं को पहली बार बीआरओ रोजगार देगा। हिमाचल प्रदेश में लाहौल-स्पीति और किन्नौर जिले में स्थानीय लोगों से मनरेगा के तहत बीआरओ सड़क मार्गों में काम लेगा। दोनों जिले चीन सीमा से लगते हैं।
विज्ञापन
केंद्र सरकार ने मनरेगा को 17 साल बाद बीआरओ में शामिल किया है। सड़कों की मरम्मत, डंगे लगाना, सुरक्षा दीवार, क्रैश बैरियर लगाने सहित सोलिंग आदि का काम इसमें शामिल होगा। बीआरओ ने लाहौल-स्पीति प्रशासन से इसकी पूरी प्रक्रिया साझा कर दी है। हालांकि कुछ कामों की शेल्फ भी डाल दी गई और इसी हफ्ते स्थानीय लोगों को इसमें काम मिलना शुरू हो जाएगा। मनरेगा काम में कामगारों को जो भी औजार चाहिए होंगे, वह बीआरओ उपलब्ध करवाएगा।
विज्ञापन
यह काम पूरे देश के उन राज्यों में भी होगा, जहां सीमा सड़क संगठन काम करता है। वहीं जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में करीब 300 किलोमीटर का क्षेत्र है, जहां स्थानीय लोगों को मनरेगा के अंतर्गत काम दिया जाएगा। इसमें हाईवे तीन मनाली से दारचा, अटल टनल के नोर्थ पोर्टल से काजा और जिला मुख्यालय केलांग से उदयपुर-तिंदी तक का सड़क मार्ग रहेगा। बीआरओ के कमांडर कर्नल शबरीश वाचली ने बताया कि स्थानीय जिला प्रशासन और बीडीओ कार्यालय के सहयोग से यह काम आगे बढ़ेगा।
विज्ञापन
महिला-पुरुष दोनों को मिलेगा रोजगार
बीडीओ केलांग डॉ. विवेक गुलेरिया ने बताया कि बीआरओ की सड़कों में स्थानीय महिला व पुरुष दोनों को काम दिया जाएगा। इसमें छह दिन काम करने के बाद एक दिन का अवकाश रहेगा। इसका मस्टररोल तब तक रहेगा, जब तक निर्माण कार्य पूरा नहीं हो जाता है।
बीआरओ में मनरेगा के तहत जिला मुख्यालय केलांग में दो सुरक्षा दीवार और क्रैश बैरियर से इसका शुभारंभ होगा। इसके लिए तमाम कागजी प्रक्रिया पूरा कर ली है। इस हफ्ते काम शुरू कर दिया जाएगा। - कर्नल शबरीश वाचली, बीआरओ कमांडर