'सीएम वीरभद्र दो दिन के भीतर दें सबूत, वरना..'
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हिमाचल में भाजपा अध्यक्ष सतपाल सती ने मुख्यमंत्री वीरभद्र के आरोपों का करारा जवाब दिया है। भाजपाध्यक्ष ने सीएम को खुली चुनौती देते हुए कहा कि यदि उन्होंने दो दिन के भीतर अपने आरोपों के सबूत नहीं दिए तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सीएम वीरभद्र सिंह ने एक दिन पहले ही सतपाल सती के भतीजे पर अवैध खनन करने के आरोप लगाए थे। ऊना में अपनी जनसभा में सीएम ने भाजपाध्यक्ष पर निशाना साधा था।
इसके ठीक एक दिन बाद आज सुबह करीब 11 बजे भाजपाध्यक्ष ने एक प्रेसवार्ता कर सीएम के आरोपों का जवाब दिया। सती ने कहा कि यदि ऊना दौरे के दौरान ही सीएम ने उनके भतीजे का लाइसेंस सामने नहीं लाया तो वे गेजेटियर की कॉपियां मालरोड पर बांट देंगे।
सीएम आवास के पास गुमटी किसने तोड़ी?
सीएम वीरभद्र सिंह पर निशाना साधते हुए सती ने कहा कि कुछ दिन पहले सीएम आवास शिमला के पास बनी एक पुलिस गुमटी को देर रात किसी ने गाड़ी से तोड़ दिया था। उन्होंने पूछा कि सीएम बताए कि आखिर नशे में गाड़ी चला रहा वह व्यक्ति कौन था।
उन्होंने कहा कि यदि सीएम ये सच्चाई सामने नहीं ला सकते तो हम इसे जनता को बताएंगे। गौरतलब है कि शिमला स्थित सीएम आवास के पास बनी गुमटी को कुछ दिन पहले रात के समय किसी ने गाड़ी से तोड़ दिया था।
शहर में चर्चा रही कि ये गुमटी सीएम के ही रिश्तेदार ने नशे की हालत में तोड़ी है।
सीएम ने लगाए थे बड़े आरोप
गौरतलब है कि ऊना दौरे के दौरान मंगलवार को सीएम वीरभद्र सिंह ने अवैध खनन के लिए भाजपाध्यक्ष के भतीजे को जिम्मेदार ठहराया था। ऊना के दौलतपुर में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में उन्होंने कहा था कि बनगढ़ में सत्ती का भतीजा बड़े ठेकेदार के रूप में अवैध खनन में शामिल है।
वहीं, विभौर सिंह सिंचाई योजना के एसडीओ कांग्रेस के लोगों पर केस दर्ज करवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अवैध खनन के मामले में किसी को नहीं बख्शा जाएगा। चाहे अधिकारी हो या ठेकेदार।
वीरभद्र ने कहा था कि भाजपा से जुड़े लोगों ने यहां अवैध खनन करते हुए सिंचाई योजनाओं की पाइपों को भी तोड़ दिया है। इसमें भी कार्रवाई होगी।