हिमाचल: पौंग में 280 और प्रवासी पक्षी मृत मिले, चंबा में पोल्ट्री उत्पादों पर सात दिन के लिए प्रतिबंध
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हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में स्थित पौंग बांध में हजारों प्रवासी पक्षियों की अब तक मौत हो चुकी है। पौंग बांध में प्रवासी पक्षियों की मौत में पिछले दो दिनों में आई कमी के बाद मंगलवार को फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई। मंगलवार को यहां और 280 प्रवासी पक्षी मृत मिले। पौंग बांध क्षेत्र में अब तक कुल 4637 प्रवासी पक्षियों की मौत हो चुकी है। हालांकि धमेटा रेंज से राहत भरी खबर आई है, जहां सिर्फ दो ही प्रवासी पक्षी मृत मिले। उधर, मत्स्य पालन विभाग के निदेशक सतपाल मेहता ने बताया कि हिमाचल में बर्ड फ्लू से अब तक कभी भी मछलियां संक्रमित नहीं हुई हैं। प्रदेश के दूसरे हिस्सों में अभी भी मछली पकड़ी व खाई जा रही है। पानी की रिपोर्ट सामान्य आने के बाद अब सारी आशंकाएं खत्म हो गई हैं।
केंद्र सरकार को बताई बर्ड फ्लू की मौजूदा स्थिति
वन्य प्राणी विभाग की प्रधान मुख्य अरण्यपाल अर्चना शर्मा ने मंगलवार को प्रदेश में बर्ड फ्लू के संकट पर केंद्र सरकार की एक अहम बैठक में भाग लिया। भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने वीडियो कॉन्फ्रेंस में बर्ड फ्लू के और अधिक फैलने से रोकने के उपायों पर चर्चा की। इस दौरान अर्चना शर्मा ने मंत्रालय को प्रदेश में बर्ड फ्लू को लेकर मौजूदा स्थिति से अवगत करवाया।
20 मुर्गे मृत मिलने पर चंबा के मंजीर में पोल्ट्री फार्म करवाया बंद
चंबा जिले में पोल्ट्री और पोल्ट्री उत्पादों के लाने पर सात दिन के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया है। उपायुक्त चंबा ने इस संबंध में मंगलवार शाम को आदेश जारी कर दिए हैं। पुलिस जिले के सभी प्रवेश द्वारों पर विशेष निगरानी रखेगी। वहीं, जिले की मंजीर पंचायत में एक पोल्ट्री फार्म में 20 मुर्गे मृत मिलने की सूचना पशुपालन विभाग ने प्रशासन को दी। इसके बाद प्रशासन ने पोल्ट्री फार्म को एहतियातन बंद करवा दिया है। यही नहीं, पोल्ट्री फार्म के एक किलोमीटर के दायरे को अलर्ट जोन घोषित किया है और 9 किमी के दायरे में चिकन की बिक्री पर प्रशासन ने प्रतिबंध लगा दिया है। पशुपालन विभाग की टीम ने मरे हुए मुर्गों के सैंपल लेकर जांच के लिए जालंधर की प्रयोगशाला में भेजे हैं। जहां पर मुर्गों में बर्ड फ्लू की जांच की जाएगी। प्रयोगशाला से एक सप्ताह के बाद रिपोर्ट आने पर प्रशासन आगामी कार्रवाई को अंजाम देगा। बर्ड फ्लू को लेकर जिले में पहले ही अलर्ट जारी किया जा चुका है। एसडीएम सलूणी किरण भड़ाना ने लोगों से अपील की है कि वे अपने घरों में पाले हुए मुर्गे-मुर्गियों के अचानक मरने की सूचना पशुपालन विभाग को दें।
मृत पक्षियों का उचित निपटारा सुनिश्चित करें अधिकारी : जयराम
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने उपायुक्तों के साथ बर्ड फ्लू की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने उपायुक्तों को जलाशयों के किनारों की कड़ी निगरानी करने और मृत पक्षियों का उचित निपटारा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बर्ड फ्लू के दृष्टिगत प्रदेश सरकार ने अन्य राज्यों से पोल्ट्री उत्पाद लाने पर रोक लगाई है। अतिरिक्त मुख्य सचिव निशा सिंह ने बताया कि प्रदेश में बर्ड फ्लू के मामलों में कमी आई है।
पोल्ट्री फार्म की रखें सफाई, नेवले और चूहे को न घुसने दें
पोल्ट्री फार्म मालिकों को बर्ड फ्लू से बचाव को विशेष व्यवस्था करने के आदेश जारी किए हैं। सरकार ने बर्ड फ्लू की रोकथाम को कई महत्वपूर्ण उपाय भी सुझाए हैं ताकि पोल्ट्री फार्म में मुर्गे और मुर्गियों को सुरक्षित रखा जा सके। बर्ड फ्लू से बचने को साफ सफाई, जंगली जानवरों की रोकथाम सहित कई अन्य उपाय भी सरकार ने सुझाए हैं। पशुपालन विभाग ने निर्देश जारी करते हुए कहा कि आसपास की झाड़ियों और पेड़ों की टहनियों को समय रहते काट दें। पोल्ट्री फार्म के अंदर और बाहर के रास्तों को समय-समय पर फिनायल से धोते रहें।
इसके अलावा फार्म के भीतर की तरफ नेवले और चूहे प्रवेश न कर सकें, इसके लिए दीवारों के छेद बंद कर दें। जो किसान घरों के पीछे बैक यार्ड पोल्ट्री व्यवसाय से जुड़े हैं, उनको भी बर्ड फ्लू से बचाव के लिए सचेत रहने को कहा है। ऐसे किसानों को भी अपने मुर्गे और मुर्गियों को बर्ड फ्लू से बचाव के लिए निर्देश दिए गए हैं। इन किसानों से कहा गया है कि वह बाड़े के भीतर ही मुर्गों और मुर्गियों के लिए भोजन की व्यवस्था करें। भोजन के लिए खुले में न छोड़े। पशु पालन विभाग के निदेशक अजमेर सिंह डोगरा ने कहा कि प्रदेश में बर्ड फ्लू से बचने पोल्ट्री फार्म मालिकों और बैक यार्ड मुर्गी पालन करने वाले किसानों को बर्ड फ्लू से बचाव के लिए कई निर्देश दिए हैं।