शिमला: मार्च 2019 तक तीन वर्ष का होटल प्रबंधन कोर्स करने वाले विद्यार्थियों को बड़ी राहत
प्रदेश विश्वविद्यालय में पर्यटन विभाग के निदेशक डॉ. चंद्र मोहन परशीरा ने बताया कि उनके संस्थान ने चार वर्ष के पाठ्यक्रम को तैयार कर लिया है। आने वाले सत्र से होटल प्रबंधन का कोर्स चार वर्ष का ही किया जाएगा। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के नोटिस के बाद जिन भी छात्रों का दाखिला हुआ है, उनकी डिग्री प्रभावित नहीं होगी।
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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से मार्च 2019 तक तीन वर्ष का होटल प्रबंधन कोर्स करने वाले विद्यार्थियों को बड़ी राहत मिली है। इन विद्यार्थियों की डिग्रियां अवैध नहीं मानी जाएंगी। निजी शिक्षण संस्थान विनियामक आयोग की कार्रवाई के बाद प्रदेश विश्वविद्यालय ने स्थिति स्पष्ट करते हुए यह जानकारी दी। मार्च 2019 के बाद दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों की एक वर्ष और पढ़ाई करवाने का फैसला भी लिया है। इसके अलावा जून 2022 से शुरू होने वाले नए शैक्षणिक सत्र से होटल प्रबंधन का कोर्स चार वर्ष कर दिया गया है। एचपीयू ने नया पाठ्यक्रम भी तैयार कर दिया है। प्रदेश विश्वविद्यालय में पर्यटन विभाग के निदेशक डॉ. चंद्र मोहन परशीरा ने बताया कि उनके संस्थान ने चार वर्ष के पाठ्यक्रम को तैयार कर लिया है। आने वाले सत्र से होटल प्रबंधन का कोर्स चार वर्ष का ही किया जाएगा।
अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के नोटिस के बाद जिन भी छात्रों का दाखिला हुआ है, उनकी डिग्री प्रभावित नहीं होगी। इन विद्यार्थियों को अब एक वर्ष और अपने संस्थान में रहना पड़ेगा। इन्हें छह महीने की इंटर्नशिप करनी होगी। छह महीने कक्षाओं में पढ़ना पड़ेगा। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने होटल प्रबंधन में तीन वर्षीय डिग्री वर्ष 2011 में शुरू की थी। नए भवन के निर्माणाधीन होने के कारण वर्ष 2013 के बाद इस कोर्स को स्थगित कर लिया गया था। वर्ष 2014 में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने होटल प्रबंधन की डिग्री को चार वर्ष का करने का निर्णय लिया, लेकिन बाद में 18 मार्च 2020 को अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद ने मार्च 2019 तक तीन वर्षीय डिग्री में प्रवेश लेने वाले छात्रों को मान्यता दे दी थी। ऐसे में वर्ष 2019 के मार्च तक जो भी विद्यार्थी तीन वर्षीय होटल प्रबंधन के कोर्स में दाखिल हुए हैं। उनकी डिग्रियां वैध हैं। इसके बाद जो छात्र इस कोर्स को वर्तमान में कर रहे हैं, उनके लिए यह डिग्री अब चार वर्ष की होगी।
बिना मान्यता एचएम कोर्स चला रहे वाले कॉलेजों की होगी जांच
तकनीकी विश्वविद्यालय की मान्यता बिना होटल मैनेजमेंट (एचएम) कोर्स कराने वाले कॉलेजों की जांच होगी। बीएससी एचएम और बीएचएम कैटरिंग कोर्स को लेकर निजी शिक्षण संस्थान विनियामक आयोग ने कॉलेजों से रिकॉर्ड तलब किया है। प्रदेश के पांच निजी कॉलेजों में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से मान्यता लेकर यह कोर्स चलाए जा रहे हैं।
निजी शिक्षण संस्थान विनियामक आयोग की अदालत में बीएचएम, बीएससी एचएम और बीएचएम कैटरिंग के मामले को लेकर 3 मार्च को सुनवाई होगी।
इस दौरान आयोग चार वर्ष की डिग्री को तीन वर्ष तक ही करवाने को लेकर की गई लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई कर सकता है। आयोग के अधिकारियों ने बताया कि बीएससी एचएम और बीएचएम कैटरिंग कोर्स करवाने के लिए तकनीकी शिक्षा विश्वविद्यालय से मान्यता लेना जरूरी है। इन कॉलेजों ने तकनीकी विवि से मान्यता ली है या नहीं। इसको लेकर जांच की जाएगी।