शिमला शहर में प्रापर्टी टैक्स बढ़ाने को मंजूरी, दुकानदारों को चुकाना होगा ज्यादा कूड़ा शुल्क
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शिमला शहरवासियों को अब पहले से ज्यादा प्रापर्टी टैक्स चुकाना होगा। नगर निगम ने 10 फीसदी प्रापर्टी टैक्स बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। हर तीन साल बाद शहर में दस फीसदी टैक्स बढ़ेगा।
शुक्रवार को महापौर कुसुम सदरेट की अध्यक्षता में हुई नगर निगम की मासिक बैठक में सभी पार्षद इस प्रस्ताव पर राजी हो गए। सदन में फैसला लिया गया कि टैक्स न चुकाने वाले डिफाल्टरों का नगर निगम अब बिजली और पानी काट सकता है।
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अब तक निगम के पास इसकी शक्तियां नहीं थीं। शहर में कुल 28 हजार संपत्तियां हैं जिनसे नगर निगम सालाना करीब 13 करोड़ रुपये प्रापर्टी टैक्स वसूल कर रहा है। अगले साल से टैक्स में यह बढ़ोतरी लागू होगी।
इस दौरान मर्ज एरिया के पार्षद शैलेंद्र चौहान और दिवाकर शर्मा ने भी सवाल उठाए हैं। कहा कि उन्हें टैक्स बढ़ोतरी पर एतराज नहीं, लेकिन निगम जनता को मूलभूत सुविधाएं भी दें। कहा कि उनके वार्डों में सीवरेज कनेक्शन नहीं मिल हैं।
चार हजार भवन मालिकों पर लटकी तलवार
पानी के बिल भी महंगी दरों पर देने पड़ रहे हैं। पार्षद सिमी नंदा और सुषमा कुठियाला ने हर तीन साल में टैक्स बढ़ोतरी का विरोध किया। बाद में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित हो गया।
शहर में चार हजार भवन मालिक ऐसे हैं जो नगर निगम को टैक्स नहीं दे रहे। नगर निगम अब इनकी बिजली और पानी के कनेक्शन काटने की प्रक्रिया शुरू कर सकेगा। अभी तक निगम के पास एमसी एक्ट के तहत प्रापर्टी अटैच करने का प्रावधान था लेकिन यह कार्यवाही नहीं हो पा रही थी।
दुकानदारों को अब चुकाना होगा ज्यादा कूड़ा शुल्क, कैमिस्ट-स्कूलों को राहत
शहर में कूड़ा शुल्क जमा करवाने की आनलाइन सेवा शुरू करने के साथ ही नगर निगम इसके रेट में भी बदलाव कर दिया है। शुक्रवार को नगर निगम सदन ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। सभी छोटे दुकानदारों को अब 165 की बजाय 220 रुपये मासिक कूड़ा शुल्क चुकाना होगा। पुलिस गुमटी, लैब, वर्कशॉप, टी शॉप समेत हजारों उपभोक्ताओं को भी पहले से ज्यादा शुल्क चुकाना पड़ेगा।
हालांकि, हजारों उपभोक्ताओं को निगम ने राहत भी दी है। केमिस्ट, क्लीनिक, प्ले स्कूल से लेकर सभी प्राइवेट और निजी स्कूलों का शुल्क ने कम कर दिया है। केमिस्ट को 600 की जगह 550 शुल्क देना होगा। स्कूलों को पहले दो हजार रुपये तक शुल्क चुकाना पड़ रहा था। अगले महीने से यह व्यवस्था लागू होगी।
यहां देखिए शुल्क की सूची
श्रेणी पिछला शुल्क नया शुल्क
दुकान 165 रुपये 220 रुपये
टी शॉप 165 रुपये 220 रुपये
वाइन शॉप 700 रुपये 1100 रुपये
पुलिस गुमटी 110 रुपये 220 रुपये
लैब 165 रुपये 220 रुपये
धार्मिक संस्थान 110 रुपये 220 रुपये
स्टोर 400 रुपये 550 रुपये
इनके रेट में हुई कटौती
केमिस्ट 600 रुपये 550 रुपये
सभी स्कूल 1000 से 2000 220 रुपये
क्लीनिक 750 रुपये 550 रुपये
वर्कशॉप 300 रुपये 220 रुपये